औषधीय पौधों और मसालों पर आधारित प्रदर्शनी रही आकर्षण का केंद्र, विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
सूरजपुर। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के अवसर पर पुराना जिला चिकित्सालय स्थित स्पेस्लाइज्ड थेरेपी सेंटर परिसर में एक दिवसीय निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य एवं जनजागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्वास्थ्य और आयुर्वेद से जुड़ी जानकारी को विद्यार्थियों एवं आम लोगों तक सरल और रचनात्मक तरीके से पहुंचाने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
जिला आयुष कार्यालय की ओर से आयुर्वेद, औषधीय पौधों, औषधीय मसालों और आयुर्वेद में नवाचार जैसे विषयों पर चित्रकला, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ इन गतिविधियों में हिस्सा लिया और अपनी रचनात्मक प्रतिभा के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, स्वास्थ्य जागरूकता और आयुर्वेद के महत्व से जुड़े संदेश प्रस्तुत किए।
चित्रों और पोस्टरों के जरिए दिया स्वस्थ जीवन का संदेश
चित्रकला और पोस्टर प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद से जुड़े विभिन्न विषयों को अपनी कल्पनाशीलता के साथ प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों ने चित्रों और पोस्टरों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली तथा आयुर्वेद के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को आयुर्वेद और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को समझने के साथ-साथ अपने विचारों को रचनात्मक तरीके से व्यक्त करने का अवसर मिला।
रसोई के मसालों से तैयार की आकर्षक आकृति
कार्यक्रम में रोजमर्रा की रसोई में इस्तेमाल होने वाले मसालों से तैयार की गई आकर्षक आकृति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने विभिन्न मसालों को व्यवस्थित तरीके से सजाकर आकृति तैयार की। इसके दोनों ओर अलग-अलग मसालों के नमूने और उनके नाम प्रदर्शित किए गए।
इस प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को सामान्य रूप से घरों में इस्तेमाल होने वाले मसालों की पहचान और उनके पारंपरिक उपयोग से परिचित कराने का प्रयास किया गया। प्रदर्शनी देखने पहुंचे विद्यार्थियों और अन्य लोगों ने इसमें रुचि दिखाई।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे विचार
आयोजन के दौरान भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने औषधीय पौधों और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य के महत्व जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।
प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को मंच पर अपने विचार व्यक्त करने और आयुर्वेद तथा स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को अपनी समझ के अनुसार प्रस्तुत करने का अवसर मिला। इससे उनकी रचनात्मकता के साथ अभिव्यक्ति क्षमता को भी मंच मिला।
स्वास्थ्य जागरूकता के साथ रचनात्मकता को मिला मंच
आयुर्वेद दिवस पर आयोजित गतिविधियों की खास बात यह रही कि स्वास्थ्य जागरूकता को विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा से जोड़ा गया। चित्रकला और पोस्टर के माध्यम से विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य संबंधी संदेशों को दृश्य रूप में प्रस्तुत किया, जबकि भाषण प्रतियोगिता में आयुर्वेद और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।
वहीं, मसालों की प्रदर्शनी के माध्यम से रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग होने वाली सामान्य वस्तुओं के जरिए स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया।
प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया प्रोत्साहित
प्रतियोगिताओं और विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को कार्यक्रम के दौरान प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा और उन्हें आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर आगे भी रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिला।
जिला आयुष कार्यालय की इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की भागीदारी को जनजागरूकता से जोड़ते हुए आयुर्वेद, औषधीय पौधों और औषधीय मसालों से संबंधित जानकारी को सरल एवं रोचक तरीके से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयोजित यह शिविर विद्यार्थियों के लिए सीखने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और स्वास्थ्य एवं आयुर्वेद से जुड़े विषयों को समझने का अवसर बना।