भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम | 10 जनवरी मालवा अंचल की सांस्कृतिक, सामाजिक एवं बौद्धिक चेतना को नई दिशा देने वाले मालवा मीडिया फेस्ट का ऐतिहासिक और प्रेरणादायी वातावरण में आरंभ हुआ।

फेस्ट की शुरुआत महान क्रांतिकारी शहीद चंद्रशेखर आज़ाद के जन्मस्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई, जहाँ विद्यार्थियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं सक्षम संचार की टीम ने देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का संकल्प लिया।भ्रमण के दौरान झाबुआ एसपी डॉ. शिवदयाल से शिष्टाचार भेंट हुई। उन्होंने युवाओं के लिए आयोजित ऐसे शैक्षणिक, जागरूकता एवं मीडिया-केंद्रित आयोजनों की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए उपयोगी पहल बताया।

मुख्य उद्घाटन समारोह रतलाम स्थित उजाला पैलेस में आयोजित हुआ, जहाँ पश्चिम रेलवे के डीआरएम अश्विनी कुमार ने दीप प्रज्वलन कर फेस्ट का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए युवाओं से जिम्मेदार, सकारात्मक एवं राष्ट्रहित में मीडिया की भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संविधान प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रख्यात कबीर भजन गायक प्रह्लाद जी टिपाणिया द्वारा किया गया। जिला विधिक सहायता अधिकारी पूनम तिवारी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने संविधान की मूल भावना, नागरिक अधिकारों तथा निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
लोक-संस्कृति और कबीर वाणी के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान हेतु प्रह्लाद जी टिपाणिया को “मालवा अलंकृत” सम्मान से सम्मानित किया गया। उनके कबीर भजनों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक और चिंतनशील बना दिया।
श्रद्धांजलि, रचनात्मकता और राष्ट्रचिंतन
मालवा मीडिया फेस्ट के दूसरे दिन की शुरुआत शहीद अजहर हाशमी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित अतिथियों, आयोजकों एवं विद्यार्थियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीद के बलिदान को नमन किया।
इसके पश्चात विद्यार्थियों ने ड्रॉइंग, पोस्टर मेकिंग, स्लोगन लेखन एवं निबंध लेखन प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिताओं में छात्रों ने सामाजिक सरोकार, राष्ट्रवाद, लोकतांत्रिक मूल्य और मीडिया की भूमिका जैसे विषयों पर अपनी सशक्त रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
ज्ञानवर्धक सत्र में मेजर नम्रता धस्माना ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए विचारों की स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और वैश्विक घटनाओं की समझ पर प्रकाश डाला। भू-राजनीति (जियो-पॉलिटिक्स) जैसे समसामयिक विषयों पर उनकी चर्चा एवं प्रश्न-उत्तर सत्र विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरक सिद्ध हुआ।
इसके बाद आयोजित विशेष सत्र में पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने “सीक्रेट एजेंट: अ कोवर्ट मिशन” विषय पर संवाद करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया तंत्र एवं रणनीतिक सोच की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी राष्ट्र की मजबूती केवल सैन्य शक्ति से नहीं, बल्कि सुदृढ़ सुरक्षा तंत्र और दूरदर्शी रणनीति से सुनिश्चित होती है।
सक्षम संचार की संस्थापक एवं निदेशक अर्चना शर्मा ने बताया कि मालवा मीडिया फेस्ट का उद्देश्य युवाओं को इतिहास, संविधान, संस्कृति और मीडिया की जिम्मेदार भूमिका से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि यह फेस्ट युवाओं को जागरूक, तार्किक और राष्ट्रनिर्माण के लिए प्रेरित करने का मंच है।
आगामी सत्रों की रूपरेखा
फेस्ट के आगामी सत्रों में नवभारत टाइम्स की वरिष्ठ परियोजना अधिकारी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगी। प्रसिद्ध लेखक गजेंद्र राठौर अपनी पुस्तक “साइकिल ऑफ ग्रोथ” पर विशेष संवाद करेंगे। इसके साथ ही रानी अबक्का के जीवन पर आधारित नाट्य मंचन तथा भव्य फैशन शो का भी आयोजन किया जाएगा।
मालवा मीडिया फेस्ट के पहले दो दिन देशभक्ति, लोकतांत्रिक मूल्यों, सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मकता और बौद्धिक विमर्श का सशक्त संदेश देते हुए सफलतापूर्वक संपन्न हुए, जिसने युवाओं को जागरूक, जिम्मेदार और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

