भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम, 10 फरवरी शहर के स्टेशन रोड थाना पुलिस को चोरी के मामले में एक बड़ी सफलता मिली है। दो माह पूर्व हुई चोरी की घटना में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी से चोरी हुए सोने के गहने भी बरामद कर लिए गए है। चोरी की घटना में चार आरोपी फरार है, जिनकी तलाश की जा रही है
उप निरीक्षक विजय बामनिया से मिली जानकारी के अनुसार दो माह पूर्व नवम्बर माह में स्टेशन रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत विक्रम नगर में विधायक कार्यालय का ताला तोड़ने तथा समीपस्थ अनिल भटनागर के मकान में कुछ बदमाशों ने चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देश पर थाना प्रभारी जितेंद्रसिंह जादौन के नेतृत्व में टीम गठित हुई।
पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी एवं मुखबिर तंत्र के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। आरोपी घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। गठित टीम ने बीते दिन सोमवार को घटना में संलिप्त फरार आरोपी राधे पिता सोहन पारदी 45 वर्षीय निवासी बजरंग नगर, रतलाम को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण (कुल वजन 24 ग्राम, कीमत लगभग 3,60,000) भी बरामद किये, जिनमें सोने के हार का टुकड़ा एवं सोने के कंगन शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपी राधे से सख्ती से पूछताछ करने पर अपने साथियों— अविनाश पिता हिम्मत पारदी, देवा पिता सुरेश पारदी, सचिन पिता भल्ला पारदी एवं बाला उर्फ चंदन पारदी सभी निवासी बजरंग नगर, रतलाम के साथ मिलकर घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। चोरी में घटना में शामिल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयास कर रही हैं।
गिरफ्तार आरोपी
राधे पिता सोहन पारदी, उम्र 45 वर्ष, निवासी बजरंग नगर, रतलाम
फरार आरोपी
1. अविनाश पिता हिम्मत पारदी
2. देवा पिता सुरेश पारदी
3. सचिन पिता भल्ला पारदी
4. बाला उर्फ चंदन पारदी
सभी निवासी बजरंग नगर, रतलाम
जप्त मशरूका
सोने का हार का टुकड़ा, सोने के कंगन कुल वजन: 24 ग्राम कुल कीमत: लगभग 3,60,000
चोरी के आरोपी को गिरफ्तार करने में निरीक्षक जितेंद्रसिंह जादौन (थाना प्रभारी स्टेशन रोड), उप निरीक्षक विजय बामनिया, उप निरीक्षक जगदीश यादव (चौकी प्रभारी सालाखेड़ी), प्रधान आरक्षक कुलदीपसिंह सिसोदिया, आरक्षक गोपाल आंजना, आरक्षक लखनसिंह, आरक्षक हेमराज डामोर, आरक्षक वीरेंद्र डाबी, प्रधान आरक्षक जितेंद्रसिंह बघेल, प्रधान आरक्षक विनोद गौड़ सराहनीय योगदान रहा।



