नीमच।:मध्य प्रदेश के नीमच जिले से पुलिस विभाग को झकझोर देने वाली एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। पुलिस लाइन में तैनात हेड कांस्टेबल होशियार सिंह ने ज़हर पीकर आत्महत्या कर ली। ज़हर खाने से पहले उन्होंने जो शब्द कहे, वही आज पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर रहे हैं
“पुलिस को इतना मत बेचो कि ईमानदार पुलिस नौकरी ही न कर पाए।”
मिली जानकारी के अनुसार, हेड कांस्टेबल होशियार सिंह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे। बताया जा रहा है कि ज़हर खाने के बाद उन्होंने स्वयं अपने वरिष्ठों और साथियों को अपनी हालत की जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सुसाइड नोट में क्या लिखा?
पुलिस को घटनास्थल से 3–4 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है। इस नोट में हेड कांस्टेबल ने पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार, मानसिक दबाव और कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। नोट में उन्होंने साफ़ शब्दों में लिखा कि ईमानदारी से काम करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए हालात लगातार मुश्किल होते जा रहे हैं।
विभाग में मचा हड़कंप
घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की आंतरिक जांच के आदेश दे दिए हैं। सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों की सत्यता की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले पर आधिकारिक रूप से जांच पूरी दिखा रहा है।
परिवार का दर्द
परिजनों का कहना है कि होशियार सिंह एक ईमानदार और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मी थे। वे लंबे समय से काम के दबाव और कथित प्रताड़ना से परेशान थे, लेकिन उन्होंने कभी खुलकर इसकी शिकायत नहीं की।
बड़े सवाल
इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
क्या पुलिस विभाग के भीतर ईमानदार कर्मचारियों को मानसिक रूप से तोड़ा जा रहा है?
क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज़ उठाने वालों को संरक्षण नहीं मिल पा रहा?
क्या सुसाइड नोट में लगाए गए आरोपों पर निष्पक्ष कार्रवाई होगी?




