सूरजपुर : छत्तीसगढ़ में मेडिकल प्रवेश से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जिसमें दस्तावेज़ों में हेरफेर के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं के अनुसार मेडिकल एडमिशन के लिए निवास, जाति और पारिवारिक रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज़ों में कथित तौर पर बदलाव किया गया।
शिकायत में कहा गया है कि एहसान अहमद और उनके पुत्र अरमान अहमद से जुड़े दस्तावेज़ों में विरोधाभास पाया गया है। आरोप है कि मूल रूप से बिहार निवासी होने के बावजूद छत्तीसगढ़ का निवास प्रमाण-पत्र तैयार किया गया।
इन्हीं दस्तावेज़ों के आधार पर अरमान अहमद को नीट-2022 काउंसलिंग के माध्यम से कांकेर मेडिकल कॉलेज में ओबीसी श्रेणी के तहत प्रवेश मिलने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता अभिषेक तिवारी का कहना है कि बिहार के रिकॉर्ड में एहसान अहमद के पिता का नाम मनीर अहमद दर्ज है, जबकि छत्तीसगढ़ के कुछ दस्तावेज़ों में पिता का नाम सलीम बताया गया है।
इसके साथ ही आरोप लगाया गया है कि स्थानीय निवासी सलीम (पिता–गुलबहार) के दस्तावेज़ों के आधार पर कथित रूप से ओबीसी जाति प्रमाण-पत्र प्राप्त किया गया।
मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने निवास और जाति प्रमाण-पत्र जारी करने वाले अधिकारियों, मेडिकल काउंसलिंग अथॉरिटी और संबंधित मेडिकल कॉलेज प्रशासन की भूमिका की जांच की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
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