कोरिया 16 सितम्बर 2026
किसान के लिए खेती का सबसे आवश्यक संसाधन है उसके खेतों में सिंचाई की सुविधा का होना। लंबे समय से सिंचाई के लिए केवल वर्षा जल पर आश्रित रहने वाले मेहनती किसान श्री पंचबहादुर जनजाति समुदाय से आते हैं। उनके लिए मेहनत के बदले अच्छे लाभ का कोई साधन नहीं था। उनके खेतों में समय पर आवश्यक ंिसचाई की समस्या का कोई निदान नहीं मिल रहा था। ऐसे में रोजगारमूलक योजना के तहत मिली एक निजी डबरी ने उनके लिए बड़ा काम किया है। यह एक छोटा सा जल संसाधन उनके खेती के कार्य को अब लाभप्रद बना रहा है। डबरी से सिंचाई का साधन बन जाने के बाद पंचबहादुर ने अपने पांच एकड़ खेतों में धान की फसल के साथ उड़द दलहन सहित अन्य फसलों की खेती कर ली है।
बारिष के भरोसे होता था नुकसान
कोरिया जिले के सोनहत जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम ओरगईं में रहने वाले पंचबहादुर पेषे से किसान हैं। उनके पास लगभग छह एकड़ की पैतृक भूमि है और वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ अपने खेतों में मेहनत करते हुए जीवन यापन करते हैं। पहले उनके खेतों में सिचाई का कोई साधन ना होने से वह केवल वर्षाजल पर निर्भर रहते थे। ऐसे में अक्सर धान की रोपाई या फिर नर्सरी तैयार करते समय बारिष ना होने से उन्हे हमेषा नुकसान उठाना पड़ता था। साथ ही फसल पकते समय भी बारिष कम हो जाने से अच्छी फसल नहीं होती थी। ऐसे में किसानी उनके लिए एक घाटे का सौदा साबित हो रहा था।
डबरी बनी बहुपयोगी संसाधन
किसान पंचबहादुर ने कैलाशपुर ग्राम पंचायत में एक किसान के खेतों में बनी डबरी और उसके लाभ को देखकर डबरी बनाए जाने की मांग अपनी ग्राम पंचायत में रखी। ग्राम सभा से पारित प्रस्ताव के आधार पर उन्हे गत वर्ष आजीविका डबरी की स्वीकृति प्राप्त हुई। मेहनती किसान पंचबहादुर ने ग्रामीणों के साथ मिलकर अपने खेतों में एक डबरी बनाई और उचित जगह का चयन करने से खुदाई के साथ ही उनकी डबरी में पानी भरने लगा। बारिश में पूरी तरह से जलभराव होने के बाद उनके खेतों में पर्याप्त सिंचाई की सुविधा हो गई है।
सिंचाई के साथ मछलीपालन
किसान पंचबहादुर ने बताया कि डबरी में भरपूर जल होने से इस बार उन्होंने अपने खेतों में धान की रोपाई समय पर की है जिससे उन्हे अच्छी फसल मिलने की आस है। साथ ही वह अपने डबरी में मछलीपालन के लिए अब तक दो किलोबीज डाल चुके हैं और एक किलोबीज लाकर डालने की योजना है। जिससे आने वाले सालों में मछली पालन से उन्हें दोहरा लाभ मिलेगा। पंचबहादुर ने बताया कि सिंचाई की सुविधा बन जाने से वह पहली बार रबी की फसल में गेंहू लगाने की तैयारी में हैं। डबरी का संसाधन मिल जाने से इस मेहनतकश किसान के जीवन में खुशहाली की नई राह बन गई है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी सोच का परिणाम है कि पंचबहादुर जैसे किसानों की सेवा करने और विकसित भारत की संकल्प को पूरा करने में मदद मिल रही है।