वाराणसी. प्रदेश के शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ा दिया गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वाराणसी में अनुदेशकों को 17,000 और शिक्षामित्रों को 18,000 का मानदेय इसी महीने से लागू करने की घोषणा की. वे प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र को और सशक्त बनाने और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘स्कूल चलो अभियान’ का भव्य शुभारंभ करने शिवपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय पहुंचे थे. जहां उन्होंने ये घोषणा की.
सीएम योगी ने अपने संबोधन में कहा कि योगी ने आगे कहा कि शिक्षा केवल सर्टिफिकेट या डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है. यह मनुष्य को मनुष्य बनाने, उसे संस्कारित करने और समाज और राष्ट्र के भविष्य को गढ़ने का एक सशक्त माध्यम है. इसके योजक के रूप में ईश्वर ने जो भूमिका हमारे गुरुजनों, शिक्षकों को दी है, यदि वे अपनी इस महती जिम्मेदारी का समुचित निर्वहन करेंगे, तो उसके उत्कृष्ट परिणाम सामने आएंगे.
सीएम ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश भर से डेटा एकत्र करने के बाद हम इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि बच्चे स्कूल इसलिए नहीं जाते थे, क्योंकि स्कूलों में टॉयलेट नहीं थे, पेयजल की व्यवस्था नहीं थी और बच्चे असमय अस्वस्थ हो जाते थे. आज बेसिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यालयों में बालक और बालिकाओं के लिए पेयजल, अलग-अलग टॉयलेट की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और ड्रॉपआउट रेट 19 प्रतिशत से घटकर आज मात्र 3 प्रतिशत तक पहुंच गया है.
