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भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मुख्यमंत्री योगी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- बाबा साहब सच्चे अर्थों में मां भारती के अमूल्य रत्न हैं, उनका

Priyanshu Ranjan

लखनऊ. भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर सीएम योगी ने श्रद्धांजलि अर्पित की है. सीएम योगी ने कहा, समता, न्याय और बंधुत्व के उच्च आदर्शों से आलोकित, समरस एवं समावेशी समाज की आधारशिला रखने वाले भारतीय संविधान के शिल्पकार ‘भारत रत्न’ बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती पर विनम्र श्रद्धांजलि. अंत्योदय और लोक-कल्याण के प्रति समर्पित बाबा साहब सच्चे अर्थों में मां भारती के अमूल्य रत्न हैं. उनका प्रेरक जीवन हम सभी के लिए सदैव पथप्रदर्शक रहेगा.

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इससे एक दिन पहले सीएम योगी ने प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखकर कहा था कि योगी ने कहा कि ‘मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, 14 अप्रैल को भारत रत्र बाबासाहेब डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जी की पावन लमंती है. यह अवसर भारत के संविधान की रूपरेखा तैमार करने वाले उस महान व्यक्तित्व को कृतज्ञता अर्पित करने का है, जिसकी दृष्टि से करोड़ों लोगों को गरिमामभी जीवन का अधिकार मिला. वैसे तो विजन, मिशन और लगन के धनी बाबासाहेब के हर शब्द प्रेरक हैं, परंतु आर्थिक आयाम और शिक्षा के प्रति उनकी दूरदृष्टि अमूल्य है.’

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योगी ने लिखा कि ‘उन्होंने राजकोषीय संघवाद का विचार दिया. साथ ही कहा था, “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो.” अपने समय में बाबासाहेब भारत के सर्वाधिक शिक्षित लोगों में एक थे. 35 हजार से अधिक पुस्तकों के संग्रहकर्ता बाबासाहेब 16 से 18 घंटे प्रतिदिन अध्ममन करते थे. स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बाबासाहेब की पहचान न्यायविद्, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ एवं संवेदनशील समाज सुधारक की है. एक बार सुदामा देर रात फिल्म देखकर लौटे, तो बाहर ही सो गए. सुबह सुदामा जागे, तो उन्होंने पामा कि बाबासाहेब ने उनके ऊपर अपना ओवरकोट ओढ़ा दिया है.’

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‘बाबासाहेब के विचारों को अपनाकर हमारी सरकार न्याय और समता के आदर्शों के अनुरूप प्रत्येक गरीब, वंचित, महिला और मुवा तक मोजनाओं का लाभ पहुंचा रही है- चाहे वह राशन, आवास, शौचालम, स्वास्थ्य सेवाएं हो मा ‘घरौली के माध्यम से महिलाओं को मालिकाना अधिकारा छात्रवृत्तिमां, सामूहिक विवाह मोजना, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास भोजना वंचितों के लिए संबल बजी. अटल आवासीय विद्यालयों में वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है.’

‘बाबासाहेब के नाम पर छात्रावासों के पुनर्निर्माण और नवनिर्माण की मोजना से दलित और कमजोर वर्गों के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सहायता मिलेगी. निमोजित कार्यक्रमों से उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ से अधिक लोग बहुआयामी गरीबी से ऊपर आये हैं और अब सरकार बाबासाहेब के सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम को आगे बढ़ा रही है. बाबासाहेब के विचार अपनाने से ही समरस, सशक्त और समृद्ध प्रदेश के निर्माण का संकल्प पूरा होगा. प्रदेशवासियों से मेरा आग्रह है कि अपने घर में अच्छी पुस्तकें रखें, स्वयं पढ़ें और बच्चों को भी प्रेरित करें, तभी बाबासाहेब का सपना साकार होगा.’

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