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सूरजपुर : गतिविधि आधारित शिक्षण को बढ़ावा देकर बच्चों में विकसित करें वैज्ञानिक दृष्टिकोण – कलेक्टर

Priyanshu Ranjan

शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार और शैक्षणिक नवाचारों को बढ़ावा देने जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित

सूरजपुर 04 नवंबर 2026

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जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा शैक्षणिक नवाचारों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से लाइवलीहुड कॉलेज सूरजपुर में जिला स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला मिशन संचालक समग्र शिक्षा एवं कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन एवं उपस्थिति में आयोजित इस कार्यशाला में जिले के समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारियों,विकासखंड स्रोत समन्वयक एवं संकुल समन्वयक को दो पालियों में प्रशिक्षण दिया गया।

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कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि विद्यालयों की बेहतर मॉनिटरिंग और गुणवत्तापूर्ण अध्यापन सुनिश्चित करने के लिए शिक्षक एवं संकुल समन्वयक पूरी ऊर्जा, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। विद्यालयों में बच्चों की नियमित उपस्थिति बढ़ाने के लिए पालकों एवं स्थानीय जनसमुदाय को शिक्षा से जोड़ना आवश्यक है। बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने, गतिविधि आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने तथा बेहतर शैक्षणिक परिणाम प्राप्त करने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने जिले में आयोजित विज्ञान आधारित हैंड्स ऑन एक्टिविटी का उल्लेख करते हुए बताया कि जिले के 155 हाई एवं हायर सेकेंडरी विद्यालयों के लगभग 900 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने विज्ञान के प्रयोगों पर आधारित गतिविधियों में सहभागिता की। उन्होंने कहा कि बच्चों को करके सीखने के अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि उनमें वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा एवं नवाचार की भावना विकसित हो सके।

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लइका चिन्हारी ऐप से स्कूल से बाहर बच्चों की होगी पहचान

कार्यशाला में लोक शिक्षण संचालनालय एवं समग्र शिक्षा राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा प्रारंभ किया गया लइका चिन्हारी ऐप के माध्यम से ड्रॉपआउट एवं आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि बच्चों के चिन्हांकन पर, विद्यालय में तीन माह तक उपस्थिति सुनिश्चित कराने तथा परीक्षा में सम्मिलित कराने पर मानदेय निर्धारित प्रावधानों के अनुसार स्वयंसेवकों एवं शिक्षकों को देय होगा। कार्यशाला में सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिया गया।

शब्दबीज –  49 हजार बच्चों तक प्रतिदिन पहुंच रहा ज्ञान का नया शब्द

जिला प्रशासन की पहल एवं समग्र शिक्षा के सहयोग से संचालित जिले के अभिनव शैक्षणिक कार्यक्रम ‘शब्दबीज‘ के प्रभावी क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस नवाचार के अंतर्गत जिले की 1163 प्राथमिक शालाओं के लगभग 49 हजार विद्यार्थी प्रतिदिन मात्र 10 मिनट में हिंदी एवं अंग्रेजी का एक-एक नया शब्द शुद्ध उच्चारण, अर्थ एवं सहायक शैक्षणिक सामग्री के माध्यम से सीख रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान शब्दों के शुद्ध उच्चारण में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के लिए डिजिटल वॉइस आधारित एचटीएमएल क्रोम फाइल का प्रदर्शन किया गया। इसके माध्यम से शिक्षक शब्दों का सही उच्चारण सुनकर बच्चों को अभ्यास करा सकेंगे। शिक्षकों द्वारा क्रियान्वयन के दौरान पूछे गए प्रश्नों एवं मॉनिटरिंग से जुड़ी शंकाओं का भी समाधान किया गया।

सूर्याेदय सूरजपुर – 10 बिंदुओं पर होगी स्कूलों की गुणवत्ता की जांच

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जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता एवं विद्यालयों के समग्र विकास के लिए संचालित ‘सूर्याेदय सूरजपुर‘ नवाचार के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। इसके अंतर्गत जिले के 1653 प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का प्रत्येक माह के अंत में संकुल समन्वयकों द्वारा 10 निर्धारित बिंदुओं पर आधारित 100 अंकों की अंतर-संकुल मॉनिटरिंग कर ग्रेडेशन किया जाएगा।

इस व्यवस्था के तहत सभी छह विकासखंडों के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 10 एवं न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले 10 विद्यालयों की पहचान की जाएगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को विकासखंड स्तर पर सम्मानित एवं पुरस्कृत करने के साथ उनके सफल अनुभव अन्य विद्यालयों के साथ साझा किया जायेगा। कम प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों के लिए विशेष रेमेडियल गतिविधियां संचालित कर शैक्षणिक स्तर में सुधार लाया जाएगा।
कार्यशाला में प्रशस्त ऐप, यू-डाइस, अपार आईडी एवं एमबीयू सहित शिक्षा विभाग की विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रक्रियाओं, उपयोगिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। प्रशिक्षण सत्रों में जिला नोडल शब्दबीज कार्यक्रम गौतम शर्मा, बीआरपी किशोर मुखर्जी, मनीष साहू, राधेश्याम साहू, दीपेश यादव, विजय बरगाह एवं प्रोग्रामर कविता सिंह ने विभिन्न विषयों पर विस्तारपूर्वक प्रशिक्षण प्रदान किया।कार्यशाला में डीएमसी मनोज कुमार साहू, जिला परियोजना अधिकारी उल्लास नवभारत साक्षरता डॉ. मोहन साहू, सहायक संचालक शिक्षा अजय सिंह सहित जिले के समस्त विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड स्रोत समन्वयक उपस्थित रहे।

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