शिक्षिका रजनी बरेठ की हत्या के बाद बेटे सुजल को भी उतारा मौत के घाट; सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, कार और मोबाइल सहित कई अहम साक्ष्य जब्त,
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षिका और उनके बेटे की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, 19 लाख रुपये के प्रस्तावित लोन की रकम हासिल करने के लालच में आरोपी ने शिक्षिका रजनी बरेठ की हत्या की। इसके बाद वारदात की जानकारी सामने आने के डर से उनके बेटे सुजल बरेठ की भी हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने 36 वर्षीय प्रवेश कुमार उर्फ परवेश कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से हरियाणा का निवासी है और वर्तमान में विश्रामपुर की चोपड़ा कॉलोनी में रह रहा था।
- शिक्षिका रजनी बरेठ की हत्या के बाद बेटे सुजल को भी उतारा मौत के घाट; सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, कार और मोबाइल सहित कई अहम साक्ष्य जब्त,
- जंगल में मिला सुजल का शव, घर के बाथरूम में मिली मां की लाश
- सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
- पैसों को लेकर विवाद, शिक्षिका की हत्या
- वारदात छिपाने के लिए बेटे की भी हत्या
- मोबाइल फोन, पहचान पत्र और आभूषण बरामद
- संयुक्त पुलिस टीम ने की कार्रवाई
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी की पत्नी और रजनी बरेठ एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी परिचय के कारण आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को जानकारी थी कि रजनी 19 लाख रुपये का लोन लेने वाली हैं। इसी रकम को लेकर उसने कथित तौर पर वारदात की योजना बनाई।
जंगल में मिला सुजल का शव, घर के बाथरूम में मिली मां की लाश
मामले की शुरुआत 10 अक्टूबर 2026 को हुई, जब ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने जयनगर पुलिस को सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे नाली में एक अज्ञात युवक का शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई।
शव की प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की आशंका की पुष्टि होने के बाद 11 अक्टूबर को थाना जयनगर में अपराध क्रमांक 308/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया।
इसी दौरान सुजल की मां रजनी बरेठ के लापता होने की जानकारी सामने आई। उनके भाई अविनाश बरेठ ने पुलिस को बताया कि रजनी अपने बेटे के साथ विश्रामपुर की ममता कॉलोनी, केशवनगर में किराये के मकान में रहती थीं। 9 अक्टूबर से उनका मोबाइल बंद आ रहा था।
जब परिजन पुलिस के साथ रजनी के घर पहुंचे, तो मकान बाहर से बंद मिला। 11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस की मौजूदगी में ताला खुलवाया गया। अंदर बाथरूम में रजनी का शव मिला। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद थाना विश्रामपुर में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1) में अपराध दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
दोहरी हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन और सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के नेतृत्व में जांच आगे बढ़ाई गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में विभिन्न थानों की पुलिस और साइबर सेल अंबिकापुर की संयुक्त टीम ने साक्ष्य जुटाए।
जांच के दौरान शहर और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। पुलिस को एक व्यक्ति रजनी के किराये के मकान के आसपास दिखाई दिया। वह काले रंग की टी-शर्ट पहने और सफेद गमछा ओढ़े हुए था। फुटेज में वह काफी समय तक वहां मौजूद नजर आया।
इसके बाद पुलिस ने विश्रामपुर के कार वॉशिंग सेंटर की फुटेज देखी। वहां एक व्यक्ति अपनी कार धुलवाने पहुंचा था, जिसका पहनावा संदिग्ध व्यक्ति से मिलता-जुलता था। जांच में कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 सामने आया। वाहन के मालिक की तलाश करते हुए पुलिस संदिग्ध प्रवेश कुमार तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर दोनों हत्याओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
पैसों को लेकर विवाद, शिक्षिका की हत्या
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर को आरोपी अपनी कार धुलवाने के लिए विश्रामपुर स्थित वॉशिंग सेंटर पहुंचा। इसके बाद वह पैदल रजनी के घर गया। वहां सुजल से मोबाइल चार्जर मांगा, लेकिन चार्जर नहीं मिलने पर वह चला गया। कुछ समय बाद वह दोबारा घर पहुंचा और वहां काफी देर तक रुका रहा।
इसी बीच रजनी ड्यूटी से घर लौटीं। शाम को सुजल ट्यूशन के लिए निकल गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपी ने रजनी से पैसों की मांग की। रजनी ने रकम देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद दोनों के बीच विवाद हुआ।
आरोप है कि आरोपी ने स्टील की पानी की बोतल से रजनी के सिर पर वार किया। रजनी मुख्य दरवाजे की ओर भागने लगीं, लेकिन आरोपी ने उन्हें पकड़कर बाथरूम की ओर धकेल दिया। वहां शैंपू की बोतल से सिर पर वार करने के बाद उसने पैर से उनका गला दबाया। पुलिस के अनुसार, करीब 10 मिनट तक गला दबाए रखने से रजनी की मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और रजनी का स्टोल लेकर वहां से निकल गया।
वारदात छिपाने के लिए बेटे की भी हत्या
पुलिस की जांच के अनुसार, आरोपी को डर था कि सुजल को उसकी मां के साथ हुई घटना के बारे में जानकारी हो सकती है और वह पुलिस को सब कुछ बता सकता है। इसी आशंका में उसने सुजल की हत्या की योजना बनाई।
आरोपी ने कथित तौर पर मुंह पर सफेद गमछा बांधा, हेलमेट पहना और रजनी की स्कूटी लेकर निकला। उसने नायरा पेट्रोल पंप के आगे स्कूटी खड़ी की और हेलमेट झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह वापस कार वॉशिंग सेंटर पहुंचा और अपनी कार लेकर रजनी के घर जाने वाले तिराहे पर पहुंचकर करीब एक घंटे तक इंतजार किया।
रात करीब नौ बजे सुजल घर लौटा तो आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह सुजल को कार में बैठाकर कुम्दा होते हुए अंबिकापुर की ओर ले गया। रास्ते में उसने सुजल को मैगी भी खिलाई।
पुलिस के मुताबिक, राई जंगल के पास आरोपी ने बाथरूम जाने का बहाना बनाया और सुजल को कार से बाहर बुलाया। इसके बाद उसने रजनी के स्टोल से सुजल का गला कस दिया और मुक्कों से हमला किया। सुजल भागने लगा तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
आरोपी ने शव को कार में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए कई स्थानों की तलाश की। पुलिस के अनुसार, बाद में शव को कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास फेंक दिया गया।
मोबाइल फोन, पहचान पत्र और आभूषण बरामद
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सुजल के दो मोबाइल फोन अपने घर की रसोई की दराज में छिपा दिए थे। रजनी का मोबाइल सिम सहित अंबिकापुर स्थित अपने ससुराल में रखा था। पुलिस टीम ने आरोपी के घर से सुजल के दोनों मोबाइल बरामद किए।
इसके बाद अंबिकापुर स्थित आरोपी के ससुराल से रजनी का मोबाइल फोन और सिम बरामद किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को रजनी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड और सोने-चांदी के आभूषण भी मिले।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में इस्तेमाल ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा, रजनी के सिर पर वार करने में इस्तेमाल स्टील की पानी की बोतल और राई जंगल से सुजल की एक चप्पल जब्त की।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने घटना के बाद कार को वॉशिंग सेंटर में धुलवाया था। कार की मैट पर खून लगा होने के कारण उसने उसे जला दिया था। पुलिस इसे साक्ष्य मिटाने के प्रयास के रूप में देख रही है।
संयुक्त पुलिस टीम ने की कार्रवाई
इस मामले के खुलासे में थाना प्रभारी विश्रामपुर विकास देशमुख, थाना प्रभारी जयनगर अमित गुप्ता, थाना प्रभारी झिलमिली सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चन्द्राकर, पीएसआई पवन झा, कपिल, रंजना, एएसआई अरुण गुप्ता, राकेश यादव, चौकी प्रभारी करंजी विशाल मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र एक्का, रविशंकर पाण्डेय, आनंद सिंह, जयप्रकाश तिवारी, आरक्षक अखिलेश पाण्डेय, अजय प्रताप राव, राजीव गवेल, विकास मिश्रा, रौशन सिंह और युवराज यादव शामिल रहे।
साइबर सेल अंबिकापुर से एएसआई अजित मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और आरक्षक मनीष सिंह ने भी जांच में सक्रिय भूमिका निभाई।
पुलिस ने आरोपी प्रवेश कुमार उर्फ परवेश कुमार, उम्र 36 वर्ष, निवासी राजीव कॉलोनी, कैथल रोड, हरियाणा, वर्तमान निवासी चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।