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NLSIU दीक्षांत समारोह में विवाद: CJI सूर्यकांत की मौजूदगी के विरोध में 105 छात्र रहे अनुपस्थित, फिर भी मिली डिग्री

Priyanshu Ranjan

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (NLSIU) का दीक्षांत समारोह मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की मौजूदगी को लेकर विवादों में रहा। समारोह में स्नातक बैच के 105 छात्र शामिल नहीं हुए। इन छात्रों की अनुपस्थिति को मुख्य अतिथि के रूप में CJI सूर्यकांत को आमंत्रित किए जाने के विरोध से जोड़कर देखा गया। हालांकि, समारोह का आयोजन बाद में किया गया और अनुपस्थित रहे छात्रों को भी उनकी डिग्रियां प्रदान की गईं।

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CJI की मौजूदगी पर छात्रों ने जताई आपत्ति

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। इस निर्णय पर स्नातक बैच के कुछ छात्रों के साथ पूर्व और मौजूदा विद्यार्थियों ने आपत्ति जताई। इस संबंध में याचिका भी दायर की गई थी।

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इस विरोध के चलते समारोह को पहले रद्द कर दिया गया था। हालांकि, बाद में कार्यक्रम आयोजित किया गया। समारोह में 105 छात्रों की अनुपस्थिति ने इस पूरे घटनाक्रम को चर्चा का विषय बना दिया।

समारोह में CJI सूर्यकांत ने दिया संविधान और न्याय का संदेश

दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कानून के विद्यार्थियों से न्याय, ईमानदारी और संविधान के मूल्यों की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने कानून के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए न्यायिक मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों के महत्व पर जोर दिया।

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कानून की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों के लिए दीक्षांत समारोह उनके शैक्षणिक जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। ऐसे में समारोह के दौरान सामने आया विरोध विश्वविद्यालय परिसर में वैचारिक मतभेद और संस्थागत निर्णयों को लेकर उठे सवालों की ओर भी ध्यान आकर्षित करता है।

अनुपस्थित छात्रों को भी प्रदान की गई डिग्रियां

इस पूरे घटनाक्रम में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि समारोह में शामिल नहीं होने वाले 105 छात्रों को भी डिग्रियां प्रदान की गईं। यानी समारोह में व्यक्तिगत रूप से अनुपस्थित रहने के बावजूद उनकी शैक्षणिक उपलब्धि और डिग्री प्रभावित नहीं हुई।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि सभी 105 छात्रों ने लिखित रूप से बहिष्कार की घोषणा की थी या उनकी अनुपस्थिति के पीछे अलग-अलग कारण भी थे। इसी तरह, याचिका में उठाए गए सभी आधारों और उस पर हुई कानूनी कार्रवाई के विस्तृत विवरण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

शिक्षा जगत में चर्चा का विषय बना घटनाक्रम

NLSIU देश के प्रमुख विधि शिक्षण संस्थानों में गिना जाता है। ऐसे संस्थान के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि को लेकर विवाद और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की अनुपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष चर्चा में ला दिया है।

यह मामला एक ओर न्याय, संविधान और विधिक मूल्यों पर दिए गए संदेश को सामने लाता है, वहीं दूसरी ओर विश्वविद्यालय के कार्यक्रमों में अतिथियों के चयन तथा विद्यार्थियों की असहमति से जुड़े सवालों को भी रेखांकित करता है।

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