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विश्व पर्यावरण दिवस पर सूरजपुर में न्यायपालिका, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और उद्यान विभाग ने मिलकर चलाया वृहत वृक्षारोपण अभियान,

Priyanshu Ranjan

सूरजपुर । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक व्यापक और प्रेरणादायक अभियान देखने को मिला। जिले में न्यायपालिका, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और उद्यान विभाग ने मिलकर हरियाली बढ़ाने का ऐसा संदेश दिया, जिसने पर्यावरण संरक्षण को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहने दिया बल्कि इसे जनभागीदारी का स्वरूप प्रदान किया।
जिलेभर में हजारों पौधे लगाए गए, सैकड़ों स्थानों पर वृक्षारोपण हुआ और मनरेगा के माध्यम से तैयार किए गए 21,621 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण कर हरित सूरजपुर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में न्यायिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, अधिवक्ता, शिक्षक, जेल प्रशासन, किसान, जन प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूहों की महिलाएं तथा आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे जिले में एक ही संदेश गूंजता रहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

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प्रधान जिला न्यायाधीश विनीता वार्नर के नेतृत्व में न्यायपालिका का वृहद अभियान

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जिला न्यायालय सूरजपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनीता वार्नर के मार्गदर्शन एवं प्रत्यक्ष नेतृत्व में वृहद पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के लिए तीन प्रमुख परिसरों का चयन किया गया। न्यायिक कर्मचारी निर्माणाधीन आवास परिसर की बाउंड्रीवाल के समीप पौधरोपण कर भविष्य के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण की नींव रखी गई, वहीं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति में पौधे लगाए गए, ताकि युवा पीढ़ी में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित हो सके। इसके अतिरिक्त जिला जेल परिसर में भी बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया। जेल परिसर में हरियाली बढ़ाने का उद्देश्य न केवल वातावरण को शुद्ध बनाना था बल्कि बंदियों के मानसिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डालना भी था।
इस दौरान आम, कटहल, आंवला, अशोक सहित विभिन्न फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में जिले के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल कार्यालय के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण, शिक्षकगण, जेल प्रशासन तथा न्यायालयीन कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
अपने संबोधन में श्रीमती विनीता वार्नर ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जब तक वे वृक्ष का रूप न ले लें तब तक उनका संरक्षण और पोषण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

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जनभागीदारी बनी अभियान की सबसे बड़ी ताकत

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इन कार्यक्रमों की सबसे बड़ी विशेषता जनभागीदारी रही। न्यायपालिका, जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और उद्यान विभाग के साथ-साथ किसानों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं और युवाओं ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। कई स्थानों पर लोगों ने पौधों की सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। यह भावना इस अभियान को केवल सरकारी आयोजन न बनाकर सामाजिक आंदोलन का स्वरूप प्रदान करती है।

कलेक्टर रेना जमील ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला कलेक्टर रेना जमील ने कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कलेक्टर गार्डन में पौधरोपण कर जिलेवासियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प दिलाते हुए कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आने वाली पीढि़यों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ता तापमान और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी चुनौतियों के बीच वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय बनकर सामने आया है। कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि एक पौधा लगाना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक महत्वपूर्ण है उसे जीवित रखना। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से का एक पौधा बचा ले तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।

उद्यान विभाग ने वितरित किए 21,621 फलदार पौधे

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिले का सबसे बड़ा पौध वितरण अभियान उद्यान विभाग द्वारा संचालित किया गया।विभाग ने मनरेगा के माध्यम से तैयार किए गए कुल 21,621 फलदार पौधों का निःशुल्क वितरण कर पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। वितरित पौधों में आम, कटहल, अमरूद, जामुन, सीताफल, नींबू, मुनगा (सहजन) और पपीता प्रमुख रूप से शामिल रहे। इन पौधों को किसानों, ग्रामीणों, स्व- सहायता समूहों, ग्राम पंचायतों तथा विभिन्न संस्थाओं को प्रदान किया गया। उद्यान विभाग का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं बल्कि ग्रामीण परिवारों को भविष्य में अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना भी है।फलदार पौधे आने वाले वर्षों में आर्थिक लाभ के साथ-साथ पोषण सुरक्षा का भी आधार बनेंगे।
जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में सामुदायिक भूमि, सार्वजनिक स्थलों, विद्यालय परिसरों और अन्य उपयोगी स्थानों पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्रामीणों को पौधों की देखभाल और संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया तथा उन्हें नियमित सिंचाई एवं सुरक्षा के लिए प्रेरित किया गया।

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सभी थाना और चौकी परिसरों में लगाए गए 500 से अधिक पौधे

डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर जिले के सभी थाना एवं चौकी परिसरों में भी वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। थाना प्रभारियों, पुलिस अधिकारियों और जवानों ने विभिन्न प्रजातियों के 500 से अधिक पौधों का रोपण किया। पुलिस अधिकारियों ने पौधों के संरक्षण की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि नियमित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी ताकि ये पौधे भविष्य में बड़े वृक्ष बन सकें और पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकें।

हरित सूरजपुर की दिशा में ऐतिहासिक पहल

विश्व पर्यावरण दिवस पर सूरजपुर जिले में हुए इन संयुक्त प्रयासों ने यह साबित कर दिया कि जब प्रशासन, न्यायपालिका, पुलिस और आमजन एक मंच पर खड़े होकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हैं तो बदलाव की मजबूत नींव तैयार होती है।
प्रधान जिला न्यायाधीश विनीता वार्नर, जिला कलेक्टर रेना जमील, डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, डीएसपी अनूप एक्का, रक्षित निरीक्षक अशोक गिरी, न्यायिक अधिकारीगण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल कार्यालय के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्तागण, शिक्षकगण, जेल प्रशासन, न्यायालयीन कर्मचारी, पुलिस अधिकारी एवं जवान, किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि तथा स्व-सहायता समूहों की महिलाओं की सहभागिता ने इस अभियान को यादगार बना दिया।
जिले में लगाए गए हजारों पौधे और वितरित किए गए 21,621 फलदार पौधे केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि सूरजपुर के हरित, स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य की नींव हैं। यदि इन पौधों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाता है तो आने वाले वर्षों में यही पौधे जिले की पहचान बनेंगे और विश्व पर्यावरण दिवस 2026 का यह अभियान सूरजपुर के इतिहास में पर्यावरण संरक्षण की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज होगा।

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