सूरजपुर । सूरजपुर जिले के रामानुजनगर थाना क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक और अमानवीय घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक युवक को न सिर्फ गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई, बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हुए बाल काटकर माला पहनाकर गांव में घुमाया गया।
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। रामानुजनगर की इस घटना ने समाज में कानून और मानवाधिकारों के महत्व को फिर से रेखांकित किया है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से जहां पीडि़त को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं यह संदेश भी गया है कि इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला-
घटना 23 अप्रैल 2026 की बताई जा रही है। ग्राम कल्याणपुर निवासी मोहम्मद रहमान ताज ने थाना रामानुजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसी दिन करीब दोपहर 1 बजे ग्राम पस्ता के कुछ लोगों ने उसे बुलाया, वहां पहुंचने पर उस पर सोलर पैनल का तार चोरी करने का आरोप लगाया गया, इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया।
सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया-
पीडि़त ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपियों ने उसके बाल काट दिए, उसे माला पहनाई और पूरे गांव में घुमाकर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। इस घटना ने न केवल व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि समाज में कानून व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला-
प्रार्थी की शिकायत के आधार पर थाना रामानुजनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 113/26 के तहत मामला दर्ज किया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं—296, 351(3), 115(2), 191(2), 133, 126 और 74—के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
9 आरोपी गिरफ्तार-
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में विश्वनाथ सिंह (42 वर्ष), गोलचंद राजवाड़े (33 वर्ष), पूरन राम प्रजापति (42 वर्ष), रामसाय सिंह (54 वर्ष), कलेश्वर राम (45 वर्ष), बालसाय राजवाड़े (59 वर्ष), भज्जू सिंह (76 वर्ष), हीरासाय राजवाड़े (35 वर्ष) और हरवंश राजवाड़े (37 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम पस्ता, थाना रामानुजनगर के निवासी हैं।
पूछताछ में किया जुर्म कबूल-
पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है, इसके बाद उन्हें विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
कानून अपने हाथ में लेना पड़ा भारी-
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि कानून को अपने हाथ में लेना कितना गंभीर अपराध है। सिर्फ शक के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार न केवल गैरकानूनी है, बल्कि सामाजिक रूप से भी निंदनीय है।