भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम,31मार्च रतलाम पुलिस ने नशे के काले कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय सिंथेटिक ड्रग (MD/MDMA) बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मुख्य सरगना जमशेद लाला सहित चार आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई पिपलोदा थाना क्षेत्र के ग्राम बोरखेड़ा स्थित एक पोल्ट्री फार्म में चल रही थी

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रेस वार्ता आयोजित करते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बोरखेड़ा में सलीम खान के पोल्ट्री फार्म की आड़ में अवैध नशीले पदार्थों का निर्माण किया जा रहा है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एएसपी विवेक कुमार के मार्गदर्शन और एसडीओपी जावरा संदीप मालवीय के नेतृत्व में साइबर सेल और विभिन्न थानों की एक संयुक्त टीम गठित की गई
पुलिस टीम ने जब पोल्ट्री फार्म पर दबिश दी, तो वहां हड़कंप मच गया। आरोपी पुलिस को देखकर भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा।
बड़ी मात्रा में ड्रग्स और केमिकल बरामद
तलाश के दौरान पुलिस को मौके से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ और उसे बनाने का सामान मिला है:
तैयार MD ड्रग: 200 ग्राम (अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 20 लाख रुपये)।
केमिकल्स: 900 ग्राम 2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफेनोन, 140.48 किलो MDC केमिकल और 35.600 किलो HCL।
उपकरण: गैस सिलेंडर, भट्टी, ड्रायर मशीन, मिक्सर, स्टील की थालियां और अन्य प्रोसेसिंग उपकरण जब्त किए गए।
गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल
जमशेद खान उर्फ सेठ (जमशेद लाला): उम्र 42 वर्ष, निवासी देवल्दी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)। यह गिरोह का मुख्य सरगना और एक्सपर्ट ड्रग निर्माता है।
रईस खान: उम्र 35 वर्ष, निवासी राकोदा।
यूसुफ खान: उम्र 45 वर्ष, निवासी बोरखेड़ा।
सलीम उर्फ राजू: उम्र 40 वर्ष, निवासी बन्नाखेड़ा (फार्म हाउस का मालिक)।
सरगना ‘जमशेद लाला’ का नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी जमशेद लाला एक अनुभवी ड्रग निर्माता है, जिसके खिलाफ राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश में पहले भी कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रसायनों की सप्लाई प्रतापगढ़ के अरबाज और संकरिया द्वारा की जा रही थी। दबिश से ठीक एक दिन पहले ही गिरोह ने 3 किलो MD ड्रग की एक बड़ी खेप किसी पार्टी को सप्लाई की थी।
दबिश में मुख्य भूमिका आरक्षक की
दबिश (छापेमारी) के दौरान पिपलोदा थाना में पदस्थ आरक्षक बालकृष्ण चंदेल ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने दबिश से पहले पोल्ट्री फॉर्म फैक्टरी में चल रहे नशे के अवैध कारोबार की गहन जांच की और पूरे नेटवर्क को खत्म करने में अहम योगदान दिया।इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने आरक्षक की प्रशंसा की है और उन्हें आउट ऑफ टर्म प्रमोशन और पुरस्कार देने की घोषणा की है।
पुलिस की अग्रिम कार्रवाई
आरोपियों के विरुद्ध थाना पिपलोदा में अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत NDPS एक्ट की धारा 8/22 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब ड्रग सप्लाई चैन से जुड़े अन्य नेटवर्क और फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।
