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नामली पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल : जुए पर दोहरी कहानी,गोदाम से छोड़े गए जुआरी, जंगल में दिखाई गई ‘सख्त’ कार्रवाई,अब निगाहें वरिष्ठ अधिकारियों की जांच पर टिकी

Priyanshu Ranjan

भरत शर्मा की रिपोर्ट 

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रतलाम | इन दिनों पुलिस की कार्यप्रणाली संदेश उत्पन्न कर रही है चाहे डोडा चूरा पकड़ने की कार्यवाही हो या नामली क्षेत्र में अवैध जुए को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली इन दिनों नगरभर में चर्चा और सवालों के घेरे में है। एक ओर फोरलेन रोड स्थित व्यापारी के गोदाम में जुआ पकड़े जाने की अंदरूनी कहानी सामने आ रही है, वहीं दूसरी ओर नौगांव जंगल में की गई आधिकारिक कार्रवाई को लेकर विरोधाभासी तथ्य उभरकर आ रहे हैं।

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गोदाम प्रकरण: पकड़े गए, फिर गुपचुप छोड़े गए

सूत्रों के अनुसार, फोरलेन रोड स्थित एक व्यापारी के गोदाम में जुए की सूचना पर पुलिस ने दबिश दी थी। इस दौरान सात लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया। बताया जाता है कि इन सभी को थाने लाने के बजाय थाने के पीछे स्थित पुलिस क्वार्टर में रखा गया, जहां कुछ समय बाद उन्हें गुपचुप तरीके से नगद नारायण करीबन पांच लाख रुपए की दक्षिणा लेकर पुलिस ने छोड़ दिया गया सुत्र बताते हैं कि करीबन फोरलेन रोड़ स्थित गोदाम से लाखों रुपए नगदी और तासपत्ती मिली थी कल देर शाम पुलिस ने सात प्रतिष्ठित जुआरियों पूंजीपतियों को पकड़ा और करीबन 5 लाख रुपए में तोड़ करके बीना केस दर्ज किए गुपचुप रुप से छोड़ दिया गया

सूत्रों का दावा है कि यह पूरा प्रकरण दबा दिया गया और किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई दर्ज नहीं की गई। दबाव के बाद जंगल में दिखाई गई कार्रवाई? इसी गोदाम प्रकरण के बाद, पुलिस ने जुए के खिलाफ सख्ती दिखाने के उद्देश्य से नौगांव के आगे जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में एक अलग कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई और इसे आधिकारिक रूप से बड़ी सफलता बताया गया। पुलिस का आधिकारिक दावा पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, 15 फरवरी 2026 की रात टीम गठित कर करीब 2 किलोमीटर पैदल चलकर जंगल क्षेत्र में दबिश दी गई। वहां चार्जिंग बल्ब की रोशनी में जुआ खेलते लोगों को घेराबंदी कर पकड़ा गया।

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इस दौरान 05 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जबकि कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

पुलिस ने मौके से —₹54,000 नगद,52 ताश के पत्ते, और फरार आरोपियों की 10 मोटरसाइकिल जब्त करने का दावा किया। थाना नामली पर अपराध क्रमांक 49/26, धारा 13 जुआ एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी मोहसिन पिता इशामउद्दीन नागोरी (34), निवासी बोहरा बाखल, जावरा जमीरउद्दीन पिता रफीकउद्दीन शेख (36), निवासी सुभाष नगर, रतलाम अफरोज पिता अब्दुल वहीद खान शाह (36), निवासी सुभाष नगर, रतलाम राकेश पिता दिलीप कुमार साल्वी (32), निवासी बाजना बस स्टैंड, रतलाम रोशिक खान पिता सत्तार खान मेव (31), निवासी सम्यक गोल्ड सिटी, जावरा रोड,

रतलाम वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमित कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) विवेककुमार लाल एवं अनुविभागीय अधिकारी किशोर पाटनवाला के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी गायत्री सोनी के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम की भूमिका को सराहनीय बताया गया है। नगर में उठते सवाल हालांकि, नगर में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि—फोरलेन रोड गोदाम से पकड़े गए सात जुआरियों का आखिर क्या हुआ? क्योंकि वह नगर के प्रतिष्ठित जुआरी थे या इज्ज़त बचाने के चक्कर में जुआं खिलते हुए मिलीं लाखों की राशि भी हज़म कर गई । क्या जंगल में दिखाई गई कार्रवाई पहले मामले को दबाने का प्रयास थी? और क्या कानून सभी के लिए एक समान लागू हो रहा है? इन सवालों के बीच नामली में जुए के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई विश्वसनीयता की कसौटी पर खड़ी नजर आ रही है। अब निगाहें वरिष्ठ अधिकारियों और संभावित निष्पक्ष जांच पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सके। यह प्रभावशाली इज्ज़तदार जुआरियों की फ़ौज लम्बे समय से इस फोरलेन के किराए के गोदाम में तास पत्तों की हार-जीत वर्षभर से कर रहे हैं। मगर जुआरियों के पास अधिक जुआं खिलने की राशि की सूचना पर गुपचुप रुप से कार्रवाई को अंज़ाम देकर मामले को रफा-दफा कर दिया गया है।

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