सूरजपुर। पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को झांसा देकर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो आरोपियों को सूरजपुर पुलिस ने उत्तरप्रदेश के बहराइच (नेपाल बॉर्डर) से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को थाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बताकर एक व्यक्ति से उसके बेटे का नाम केस से हटवाने के नाम पर 75 हजार रुपये ठग लिए थे।
ग्राम सिरसी निवासी चिंतामणी बंजारे (45 वर्ष) ने चौकी बसदेई में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पुत्र अनिल बंजारे के खिलाफ थाना गांधीनगर में धारा 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है और वह जेल में निरुद्ध है। इसी दौरान अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल कर खुद को थाना प्रभारी और जेल अधीक्षक बताकर केस से नाम हटवाने का झांसा दिया गया और गूगल-पे के माध्यम से 75 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए।
जांच में मामला धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पाए जाने पर 13 सितंबर 2025 को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 497/25 दर्ज किया गया।
मामले की जानकारी मिलते ही डीआईजी एवं एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए। आईजी सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के मार्गदर्शन में चौकी बसदेई पुलिस की टीम गठित कर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उत्तरप्रदेश रवाना किया गया। पतासाजी के बाद जिला बहराइच (नेपाल बॉर्डर के पास) में दबिश देकर आरोपी इमरान (22 वर्ष) एवं मोहम्मद आलम (29 वर्ष) निवासी पेटरहा, थाना मोतीपुर, जिला बहराइच (उ.प्र.) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर फोन पर झांसा देकर 75 हजार रुपये गूगल-पे के माध्यम से ठगने की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन, 8 सिम कार्ड, 3 बैंक पासबुक, 1 एटीएम कार्ड और 1 चेकबुक जप्त किया है।
इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन एवं एसडीओपी अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल सहित आरक्षक देवदत्त दुबे, नीलेश जायसवाल, युवराज यादव, रौशन सिंह, अशोक केंवट, राकेश सिंह, रामकुमार, आदित्य यादव, अशोक सिंह, भुनेश्वर सिंह एवं सैनिक अनिल विश्वकर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



