सूरजपुर । क्षेत्र के भास्करपारा कोयला खदान से जुड़े विवाद ने अब प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। खदान के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने बसदेई चौकी में पदस्थ एक नगर सैनिक सहित अन्य स्टॉफ पर कथित अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगाते हुए जिला कलेक्टर, सूरजपुर को ज्ञापन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि भास्करपारा कोयला खदान में प्रकाश इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा खनन कार्य किया जा रहा है। खनन, लोडिंग और परिवहन के दौरान अक्सर कोयला सड़क किनारे या आसपास गिर जाता है, जिसे प्रभावित ग्राम पंचायतों के लोग घरेलू उपयोग के लिए एकत्र कर ले जाते हैं। आरोप है कि इसी दौरान बसदेई चौकी में पदस्थ नगर सैनिक अनिल विश्वकर्मा और उनके साथ मौजूद अन्य स्टॉफ द्वारा ग्रामीणों से पैसों की मांग की जाती है।
कार्रवाई की धमकी देने का आरोप-
ग्रामीणों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि यदि पैसे नहीं दिए जाते तो पुलिस कार्रवाई करने, चौकी ले जाने और केस दर्ज करने की धमकी दी जाती है। इससे क्षेत्र के गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि वे केवल घरेलू जरूरत के लिए गिरे हुए कोयले को उठाते हैं, बावजूद इसके उन्हें परेशान किया जा रहा है।
कलेक्टर से जांच और स्थानांतरण की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि कथित वसूली में शामिल नगर सैनिक अनिल विश्वकर्मा एवं अन्य स्टॉफ के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्हें बसदेई चौकी से हटाने की भी मांग उठाई गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है और लोग प्रशासन की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।




