सूरजपुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन में लंबे समय से प्रतीक्षित ब्लॉक एवं शहर अध्यक्षों की सूची जारी होते ही सूरजपुर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट द्वारा घोषित इस सूची ने संगठन के भीतर गुटीय समीकरणों को एक बार फिर सतह पर ला दिया है।
सूची सामने आते ही जहां पैलेस समर्थक खेमा उत्साहित नजर आया, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समर्थक गुट में असंतोष और निराशा का माहौल देखा गया। संगठन के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, नियुक्तियों में गुटीय संतुलन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घोषित पदाधिकारी इस प्रकार हैं—
सूरजपुर शहर अध्यक्ष: मनोज डालमिया
ग्रामीण सूरजपुर ब्लॉक: जफर हैदर
रामानुजनगर ब्लॉक: महेंद्र साहू
प्रतापपुर ब्लॉक: जितेंद्र दुबे
भैयाथान ब्लॉक: याधात्री सिंह देव
सलका ब्लॉक: प्रदीप राजवाड़े
लटोरी ब्लॉक: अवध बिहारी टेकाम
प्रेमनगर ब्लॉक: अरविंद यादव
छह पद पैलेस समर्थकों को, दो भूपेश समर्थकों को
सूत्रों के मुताबिक जिले में घोषित कुल आठ ब्लॉक अध्यक्ष और एक शहर अध्यक्ष में से छह पद पैलेस समर्थक नेताओं को मिले हैं, जबकि दो पद भूपेश बघेल समर्थक गुट के हिस्से आए हैं। इसी असमानता को लेकर कांग्रेस के एक धड़े में उत्साह है तो दूसरे खेमे में नाराजगी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कांग्रेस के कई वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहने के बावजूद उन्हें अपेक्षित जिम्मेदारी नहीं मिली, जिससे असंतोष बढ़ रहा है। वहीं पैलेस समर्थकों का तर्क है कि पार्टी नेतृत्व ने जमीनी सक्रियता, क्षेत्रीय संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखकर ही यह सूची तैयार की है।
आगामी चुनावों से पहले संगठन के लिए बड़ी चुनौती
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो ये नियुक्तियां आगामी चुनावों की रणनीति का अहम हिस्सा हैं। हालांकि गुटीय संतुलन को लेकर उठ रहे सवाल यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर सियासी बयानबाजी और तेज हो सकती है।
फिलहाल नवनियुक्त अध्यक्षों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी गुटों को साथ लेकर चलना, संगठन को एकजुट रखना और चुनावी तैयारियों को मजबूती देना है। सूरजपुर कांग्रेस के लिए यह सूची जहां नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है, वहीं गुटीय राजनीति को भी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आई है।



