हासन में हार्ट अटैक का खौफनाक साया: 40 दिनों में 22 मौतें, युवा सबसे ज्यादा शिकार…

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कर्नाटक के हासन जिले में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। पिछले 40 दिनों में जिले में 22 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हो चुकी है, जिनमें से अधिकांश युवा और मध्यम आयु वर्ग के हैं।

यह चिंताजनक स्थिति स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई है। हाल की घटनाएं और पीड़ितों की उम्र 30 जून 2025 को हासन जिले में चार और लोगों की हार्ट अटैक से मौत हुई, जिसके बाद मरने वालों की संख्या 22 तक पहुंच गई। मृतकों में 22 वर्षीय अक्षिता, जो डेढ़ महीने पहले मां बनी थीं, और 27 वर्षीय संजय, जो दोस्तों के साथ पार्टी के दौरान अचानक गिर पड़े, शामिल हैं। खास बात यह है कि मृतकों में पांच लोग 19-25 आयु वर्ग के थे, जबकि आठ लोग 25-45 वर्ष के बीच थे। यह युवाओं में हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाओं को दर्शाता है, जो सामान्य रूप से असामान्य है।

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प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया इस संकट को देखते हुए कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवास्कुलर साइंसेज एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. के.एस. रविंद्रनाथ की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की गई है, जिसमें एनआईएमएचएएनएस और राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ चेस्ट डिजीज के विशेषज्ञ शामिल हैं। यह समिति इन मौतों के कारणों, जैसे कोविड या वैक्सीन से संबंधित जटिलताओं, की जांच करेगी और जल्द ही अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। हासन की उपायुक्त के.एस. लताकुमारी ने गैर-संचारी रोग (एनसीडी) विशेषज्ञों की एक टीम को जांच के लिए नियुक्त किया है।

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जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि कुछ मामलों में पोस्टमॉर्टम संभव नहीं हो सका, इसलिए मेडिकल हिस्ट्री और स्थानीय डॉक्टरों व परिवारों के बयानों के आधार पर जांच की जा रही है।

युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक के पारंपरिक जोखिम कारकों जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान और मोटापे के अलावा, 25% मामलों में कोई स्पष्ट जोखिम कारक नहीं पाया गया। जयदेव मायसूर के अधीक्षक डॉ. के.एस. सदानंद ने बताया कि अब प्रतिदिन 3-4 युवा मरीज बिना पूर्व लक्षणों के हार्ट अटैक के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों ने खाद्य सुरक्षा विभाग से फलों और सब्जियों में कीटनाशक अवशेषों की जांच करने का भी सुझाव दिया है।

सार्वजनिक चिंता और जागरूकता हासन में इन मौतों के बाद स्थानीय लोग दहशत में हैं, और मायसूर के जयदेव अस्पताल में स्वास्थ्य जांच के लिए मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन 1,000 से अधिक लोग जांच के लिए पहुंच रहे हैं। सरकार ने पुनीत राजकुमार हार्ट ज्योति योजना के तहत हार्ट अटैक की रोकथाम के लिए कदम उठाए हैं, लेकिन इस संकट ने व्यापक शोध और जागरूकता की आवश्यकता को उजागर किया है।

आगे की राह यह स्थिति न केवल हासन बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। युवाओं में हार्ट अटैक की बढ़ती घटनाएं जीवनशैली, तनाव, और संभावित पर्यावरणीय कारकों की ओर इशारा करती हैं। प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से अपेक्षा है कि जांच के बाद ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके। अधिक जानकारी के लिए aaj24.in पर बने रहें। —

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