15 दिनों के भीतर पुल का निर्माण नहीं होने पर उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
सूरजपुर । एक पुल का टूटना केवल आवागमन बाधित होना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जीवन व्यवस्था का ठहर जाना होता है, इन दिनों सूरजपुर जिले के ग्राम पंचायत कैलाशपुर और राजापुर के बीच बहने वाली घुनघुट्टा नदी के बेलसोता नाला पर टूटी पुलिया इसी कड़वी सच्चाई को बयां कर रही है।
बेलसोता नाला की टूटी पुलिया अब सिर्फ एक संरचनात्मक समस्या नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और जनजीवन पर मंडराता बड़ा संकट बन चुकी है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह मुद्दा जल्द ही बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है।
बताया जाता है कि वर्ष 2003 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत इस पुल का निर्माण हुआ था। यह पुल क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लिए विकास की मुख्य कड़ी था, लेकिन 23 जुलाई 2025 को हुई भारी बारिश ने इस जीवनरेखा को तोड़ दिया और ग्रामीणों का शहर से संपर्क अचानक टूट गया।
जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की रही मौजूदगी
इस दौरान किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष विमलेश दत्त तिवारी, जिला महामंत्री संजय डोसी, वेद प्रकाश मिश्र, लिली राजवाड़े, जरीना सुल्ताना, अविनाश साहू, निर्मल साहू सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे।
बारिश में ‘टापू’ बन जाते हैं गांव
गर्मी के मौसम में जब नदी सूख जाती है, तब ग्रामीण अस्थायी रास्तों के सहारे किसी तरह आवागमन कर लेते हैं, लेकिन जैसे ही बारिश शुरू होती है, तेज बहाव इन रास्तों को बहा ले जाता है। इससे करीब एक दर्जन गांव पूरी तरह अलग-थलग पड़ जाते हैं और हालात टापू जैसे बन जाते हैं।
बच्चों की पढ़ाई पर सबसे बड़ा असर
इस पुल के टूटने का सबसे गंभीर प्रभाव शिक्षा पर पड़ा है। कैलाशपुर हाई स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राएं बारिश के दिनों में स्कूल नहीं जा पाते।। कई बच्चे पढ़ाई छोड़ने की कगार पर पहुंच चुके हैं, जिससे भविष्य पर भी संकट मंडरा रहा है।
स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित
पुल के अभाव में ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं, बाजार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना भी चुनौती बन गया है।
ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, 15 दिन की चेतावनी
स्थानीय समस्याओं को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शशि सिंह की उपस्थिति में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसमें जल्द से जल्द नए पुल निर्माण की मांग की गई है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर कोई ठोस पहल नहीं हुई, तो वे ग्राम पंचायत तेलईकछार के केनापारा में एनएच-43 को जाम कर उग्र आंदोलन करेंगे।
