भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम/मध्य प्रदेश की जेलों में बंदियों की सेहत को लेकर जेल विभाग अब काफी गंभीर नजर आ रहा है। भोपाल जेल डीआईजी के निर्देश और राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सहयोग से रतलाम की सर्किल जेल में एक विशेष तीन दिवसीय मेडिकल कैंप की शुरुआत हुई है। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद कैदियों के बीच गंभीर बीमारियों की पहचान करना और उन्हें समय पर उपचार उपलब्ध कराना है।

रतलाम की सर्कल जेल में बुधवार से ‘समग्र जेल इंटरवेंशन’ के सौजन्य से तीन दिवसीय स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आगाज हुआ। इस कैंप के दौरान जेल में बंद सभी 569 बंदियों की गहन चिकित्सा जांच की जा रही है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा बंदियों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं और डिजिटल एक्स-रे किए जा रहे हैं, ताकि एड्स (HIV), टीबी (TB) और हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों का पता लगाया जा सके। अभियान के पहले ही दिन 100 से अधिक बंदियों का परीक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

जेल प्रशासन के मुताबिक, जांच की रिपोर्ट आने के बाद जिन बंदियों में बीमारियों के लक्षण या रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी, उन्हें जेल अस्पताल, जिला चिकित्सालय या मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों के माध्यम से उचित उपचार मुहैया कराया जाएगा।

यह स्वास्थ्य शिविर अगले दो दिनों तक जारी रहेगा, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि जेल का कोई भी बंदी जांच से वंचित न रहे। प्रदेश सरकार की इस पहल से जेलों में कैदियों के मानवाधिकार और उनके स्वास्थ्य संरक्षण को बल मिल रहा है।



