राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत हुआ कार्यक्रम का आयोजन
सूरजपुर । सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और सुरक्षित यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से सूरजपुर पुलिस द्वारा राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । सोमवार, 05 जनवरी 2026 को स्टेडियम ग्राउंड सूरजपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में नगर के 65 ऑटो एवं ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग और आपात परिस्थितियों से निपटने संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया ।
यह प्रशिक्षण डीआईजी एवं एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देशन में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य शहर में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना, दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाना और यात्रियों के साथ-साथ चालकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
यातायात नियमों का पालन अनिवार्य
कार्यक्रम का संचालन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतोष महतो के मार्गदर्शन में किया गया। यातायात पुलिस के अधिकारियों ने चालकों को स्पष्ट रूप से बताया कि तेज गति से वाहन चलाना दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है । नशे की हालत में ड्राइविंग पूर्णतः प्रतिबंधित है ।वाहन चलाते समय मोबाइल फोन या ईयरफोन का उपयोग जानलेवा हो सकता है । वाहन से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज (लाइसेंस, बीमा, रजिस्ट्रेशन) हमेशा साथ रखें।
सुरक्षा पोस्टर और शपथ-
प्रशिक्षण के दौरान चालकों के वाहनों में यातायात नियमों से संबंधित जागरूकता पोस्टर लगाए गए। साथ ही सभी चालकों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने नियमों का पालन करने, यात्रियों या माल को क्षमता से अधिक न ढोने और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।
नियम तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी
यातायात पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने, ओवरलोडिंग, लापरवाही या खतरनाक ड्राइविंग पाए जाने पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी । पुलिस का मानना है कि ऑटो और ई-रिक्शा जैसे सार्वजनिक परिवहन साधनों के चालक यदि जिम्मेदारी से वाहन चलाएं, तो शहर में सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
पुलिस अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर एएसआई ब्यासदेव राय, प्रधान आरक्षक मुरीस खाखा, आरक्षक प्रेम सागर साहू और बिलोन बड़ा सहित यातायात पुलिस का अमला उपस्थित रहा । सूरजपुर पुलिस का यह प्रयास न केवल चालकों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में अहम कदम है,बल्कि आम जनता के लिए यह संदेश भी है कि सड़क सुरक्षा सिर्फ कानून नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है।

