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सूरजपुर : शब्दबीज नवाचार से निखर रही बच्चों की भाषा दक्षता प्रयोगात्मक शिक्षण से रोचक बन रही पढ़ाई

Priyanshu Ranjan

विद्यालयों का निरीक्षण कर परखी गई शैक्षणिक गुणवत्ता

सूरजपुर/16 अक्टूबर 2026

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जिला प्रशासन की पहल से जिले की सभी प्राथमिक शालाओं में संचालित शैक्षिक नवाचार ‘शब्दबीज’ के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार का प्रयास किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन में जिला मिशन समन्वयक श्री मनोज कुमार साहू ने बीआरसी दिवाकर जायसवाल एवं संकुल समन्वयक महेश्वर पैकरा के साथ विकासखंड भैयाथान के संकुल केंद्र रजबहर अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान शासकीय हाई स्कूल रजबहर, शासकीय माध्यमिक शाला रजबहर तथा शासकीय प्राथमिक शाला रजबहर और मोहली में शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों एवं शब्दबीज नवाचार के क्रियान्वयन का जायजा लिया गया। इसके साथ ही विकासखंड ओड़गी के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दवनसरा का भी निरीक्षण किया गया।

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कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की पहल से जिले की प्राथमिक शालाओं में शब्दबीज नवाचार संचालित किया जा रहा है। इस नवाचार का उद्देश्य बच्चों की शब्द संपदा, पठन, लेखन और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करना तथा उन्हें प्रतिदिन नए शब्दों से जोड़कर सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। निरीक्षण के दौरान संबंधित विद्यालयों में इस नवाचार का क्रियान्वयन अच्छी तरह से होता पाया गया। प्राथमिक शाला दवनसरा में बच्चों के लिए शब्दबीज पट्टिका का निर्माण किया गया है। पट्टिका के माध्यम से विद्यार्थी नए शब्दों को सीखने, उनका अर्थ समझने और वाक्यों में प्रयोग करने का अभ्यास कर रहे हैं। जिले की प्राथमिक शालाओं में संचालित यह नवाचार बच्चों के भाषा कौशल को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।

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कक्षाओं में पहुँचकर शिक्षण प्रक्रिया का किया अवलोकन, दसवीं कक्षा में प्रयोग के माध्यम से समझाई खाद्य श्रृंखला

माध्यमिक शाला रजबहर में कक्षा छठवीं में सामाजिक अध्ययन विषय के अंतर्गत हमारी सांस्कृतिक जड़ें पाठ का अध्यापन कराया जा रहा था। इस दौरान विद्यार्थियों से संस्कृति की अवधारणा एवं उसके अर्थ के संबंध में प्रश्न पूछे गए। इससे विद्यार्थियों की विषयगत समझ एवं कक्षा में उनकी सहभागिता का आकलन किया गया।

हाई स्कूल रजबहर में कक्षा दसवीं में विज्ञान विषय के अंतर्गत पारिस्थितिकी तंत्र का अध्यापन चल रहा था। खाद्य श्रृंखला की अवधारणा को सरल एवं व्यावहारिक ढंग से समझाने के लिए डीएमसी मनोज कुमार साहू ने धागे का प्रयोग किया। विद्यार्थियों को धागा पकड़ाकर यह समझाया गया कि खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक जीव की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और किसी एक कड़ी के कमजोर होने या टूटने से पूरी श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान की अवधारणा को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न रखकर प्रयोग के जरिए समझने का अवसर मिला।

निरीक्षण के दौरान हाई स्कूल रजबहर के परीक्षा परिणामों की भी जानकारी ली गई। इस पर डीएमसी ने सभी शिक्षकों को विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विशेष ध्यान देने, कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर अतिरिक्त अभ्यास कराने तथा आगामी परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।

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