भरत शर्मा की रिपोर्ट


इंदौर: एसएमए टाइप-2 जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित 2 साल की बच्ची की जान अब एक महंगे इंजेक्शन पर टिकी है. उसकी जान तभी बच सकती है जब उसे अमेरिका से आने वाला 9 करोड़ रुपए का इंजेक्शन लगेगा. माता-पिता इतने सक्षम नहीं हैं कि वह अपने बेटी को यह इंजेक्शन लगवा सकें. माता-पिता की अपील पर इंदौरवासी अलग-अलग संगठनों के द्वारा बच्ची की मदद को लेकर कैंपेन चला रहे हैं. इसी कड़ी में अब इस अभियान से बड़ी सेलिब्रिटी भी जुड़ रहीं हैं. पलक मुछाल, सोनू सूद लगातार लोगों से दान की अपील कर रहे हैं. इस कैंपेन में जल्द ही सलमान खान भी आने वाले दिनों में मदद कर सकते हैं जिंदगी बचाने के लिए अब रतलाम से भी मदद के हाथ आगे बढ़ने लगे हैं।

अनिका को है एसएमए टाइप टू बीमारी
इंदौर के रहने वाले प्रवीण शर्मा और उनकी पत्नी अपनी 2 साल की बेटी को लेकर चिंता में हैं. उनकी बेटी अनिका को एसएमए टाइप 2 जैसी गंभीर बीमारी है. पिछले एक माह से वह अपनी बेटी की बीमारी को लेकर परेशान हैं. परेशानी का कारण है इस बीमारी में लगने वाला 9 करोड़ का इंजेक्शन. यह इंजेक्शन अमेरिका से ही आता है और इसको लगाने की समय सीमा भी निश्चित है तभी उनकी बेटी की जान बचेगी. माता-पिता मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं और वह इसे लगवाने में सक्षम नहीं हैं. अब माता-पिता विभिन्न संगठनों से मदद की गुहार लगा रहे हैं

अनिका के समर्थन में रतलाम महापौर प्रहलाद पटेल तथा समाजसेवी मदन सोनी ने भी जिलेवासियों से आगे आकर सहयोग करने की अपील की है, ताकि इलाज के लिए आवश्यक राशि जुटाई जा सके। मदन सोनी ने भी बच्ची क़े इलाज क़े लिए 1लाख रुपये की मदद की है।
अनिका के कैंपेन का संचालन कर रहे अनीश पांडे ने बताया कि “इंदौर में जन्मे बड़ी सेलिब्रेटियों में शामिल सलमान खान से भी अ संपर्क किया गया है और जल्द ही सलमान खान की टीम ने उन्हें मुंबई मिलने के लिए बुलाया है. आने वाले दिनों में कई और बड़ी सेलिब्रिटी के साथ इंदौर के ही बड़े क्रिकेटर अनिका की जान बचाने को लेकर आगे आ सकते हैं. पलक मुछाल और सोनू सूद के द्वारा तो वीडियो जारी कर मदद करने की गुहार भी लगाई गई है.”देशभर में सहायता की अपील के क्रम में अब अनिका शर्मा जीवन की आस लेकर 17 फरवरी 2026 को रतलाम पहुंचेंगी, जहां जनसहयोग से उपचार हेतु आवश्यक फंड एकत्रित करने का प्रयास किया जाएगा
क्या होती है एसएमए टाइप 2 बीमारी?
स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) आनुवांशिक विकार है. इसमें स्पाइनल कॉर्ड और मस्तिष्क स्टेम में पैदा होने वाली तंत्रिका कोशिकाएं विकृत हो जाती हैं. जिससे मांसपेशियों की कमजोरी और क्षय बढ़ती जाती है. SMA टाइप 2 एक आनुवांशिक बीमारी है. यह 6 से 18 उम्र के बच्चों में होती है. इसमें रीढ़ की हड्डी की नसें क्षतिग्रस्त होने से मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं और सिकुड़ने लगती हैं. बच्चों अक्सर बिना सहारे के बैठ नहीं सकते और चलने फिरने में भी मुश्किल होती है. धीरे धीरे सांस लेने और किसी भी चीज को निगलने में परेशानी होने लगती है.



