भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम 28 जनवरी नामली थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई एक बड़ी नकबजनी की घटना का पुलिस ने महज 10 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस ने करीब 300 किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में पीछा करने के बाद मेरठ (उत्तर प्रदेश) के दो कुख्यात बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी के गहने, वारदात में उपयोग कार और औजार बरामद किए गए हैं

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि 27 जनवरी को नामली निवासी फरियादी सुरेश धाकड़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वे सुबह अपने खेत गए थे, तब अज्ञात बदमाशों ने उनके सूने घर का ताला तोड़कर गोदरेज की अलमारी से सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। पुलिस ने तत्काल धारा 303(2), 331(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
300 किलोमीटर तक चली ‘लुका-छिपी‘
एसपी अमित कुमार के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध कार दिखाई दी। पुलिस ने पीछा शुरू किया तो आरोपी चकमा देने के लिए बड़नगर, उज्जैन और आसपास के रास्तों पर बार-बार रूट बदलते रहे। लगभग 300 किमी के लंबे पीछा करने के बाद, पुलिस ने 8-लाइन रोड पर बारा पत्थर के पास घेराबंदी कर कार (DL 8C AU 7936) को रोका और दो आरोपियों को दबोच लिया।
पहचान छिपाने के लिए पहनते थे ‘विग’
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर हैं। गिरोह का मुख्य सदस्य इरफान सिर से मुंडा (गंजा) है, इसलिए वह वारदात के समय विग (नकली बाल) लगाता था ताकि पुलिस उसे पहचान न सके। आरोपी वारदात के तुरंत बाद कार में ही कपड़े और चश्मे बदल लेते थे ताकि हुलिया पूरी तरह बदल जाए।
पकड़े गए आरोपी और आपराधिक रिकॉर्ड
इरफान (38 वर्ष): निवासी मेरठ (U.P.)। इसके विरुद्ध उत्तर प्रदेश, दिल्ली और उत्तराखंड में चोरी, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट के 11 गंभीर मामले दर्ज हैं।
आमिर (38 वर्ष): निवासी मेरठ (U.P.)। इसके विरुद्ध हत्या, हत्या का प्रयास और लूट जैसे 10 संगीन अपराध दर्ज हैं।
बरामदगी का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 5,22,400 का मशरूका बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:
सोने का मंगलसूत्र, अंगूठी और मोती
चांदी की पायजेब और बिछुड़ी
वारदात में उपयोग की गई कार और ताला तोड़ने के उपकरण
चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार करने में नामली थाना प्रभारी निरीक्षक गायत्री सोनी, उपनिरीक्षक कन्हैया अवस्थी, उपनिरीक्षक प्रदीप शर्म, उपनिरीक्षक हीरालाल चंदन, प्र आरक्षक नारायणसिंह, प्र आरक्षक दिलीप रावत, आर. माखनसिंह, आर. रविंद्र कुमार, साइबर सेल टीम और उनकी पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही



