मध्य प्रदेश में ई-कैबिनेट के सफल कार्यान्वयन के लिए मंत्रियों के साथ-साथ विभागीय सचिवों को टेबलेट दिए जाएंगे. इस मीटिंग में मौजूद मंत्रियों और सचिवों को ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के सफल संचालन के लिए प्रजेंटेशन और प्रशिक्षण दिया जाएगा.
मंत्रियों और विभागीय सचिवों को मिलेंगे टेबलेट
मध्य प्रदेश में ई-कैबिनेट के सफल कार्यान्वयन के लिए मंत्रियों के साथ-साथ विभागीय सचिवों को टेबलेट दिए जाएंगे. इस मीटिंग में मौजूद मंत्रियों और सचिवों को ई-कैबिनेट एप्लीकेशन के सफल संचालन के लिए प्रजेंटेशन और प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे काम डिजिटल और प्रभावी हो सके. अगली बार जब भी मीटिंग होगी तो वह डिजिटल फॉर्मेट में ही होगी.
आज होने जा रही मीटिंग का एजेंडा फिजिकली और डिजिटली दोनों फॉर्मेट में दिया जा रहा है, लेकिन अगली बार से इसे केवल डिजिटल फॉर्मेट में ही उपलब्ध कराया जाएगा. इससे ई-कैबिनेट एप्लीकेशन की वजह से पेपर की बचत होगी. मंत्री कहीं से भी अपनी सुविधा के अनुसार कार्यसूची देख सकेंगे. इसके कार्य करने में तेजी आएगी.
टू-चाइल्ड पॉलिसी में रियायत का प्रस्ताव
मोहन सरकार उन कर्मचारियों को रियायत दे सकती है, जिनके तीन या अधिक बच्चे हैं. दरअसल, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के समय एक नियम बनाया गया था कि जिन अभ्यर्थियों और कर्मचारियों के दो से अधिक बच्चे हैं, उन्हें नौकरी से वंचित किया जाएगा. अब इस नियम को मोहन सरकार इसे बदलने जा रही है. इस संबंध में प्रस्ताव आज कैबिनेट में पेश किया जा सकता है. इसके साथ ही परिवीक्षा के नियमों में बदलाव किया जा सकता है.

