भरत शर्मा की रिपोर्ट

इंदौर /हाई कोर्ट ने शैलेन्द्र पवार (Shailendra Pawar) को देवास से जिला बदर (Dila Badar) करने के आदेश को रद्द कर दिया है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है; यह फैसला उनकी अपील पर आया, जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन के आदेश को चुनौती दी थी, और कोर्ट ने जिला बदर के आदेश में खामियां पाते हुए या पर्याप्त आधार न होने पर इसे निरस्त किया है, जिससे पवार अब देवास जिले में लौट सकते हैं और वहां रह सकते हैं
मुख्य बातें
राहत: शैलेन्द्र पवार को देवास जिला प्रशासन के जिला बदर आदेश से मुक्ति मिली है.
रद्द करने का कारण: हाई कोर्ट ने जिला बदर आदेश को असंगत या कानून के दायरे में न होने के कारण रद्द किया
अधिकार: अब शैलेन्द्र पवार देवास जिले में रहने के लिए स्वतंत्र हैं. यह खबर क्षेत्रीय समाचारों में आई थी, जिसमें बताया गया था कि कोर्ट के इस फैसले से पवार के परिवार को भी राहत मिली है, क्योंकि वे लंबे समय से इस आदेश से प्रभावित थे.



