केरल की थान्या नाथन सी ने न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर रचा इतिहास, दिव्यांगजनों के लिए बनीं प्रेरणा,
भारत की न्यायपालिका में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। केरल की रहने वाली Thanya N Nathan C देश की पहली 100% दृष्टिहीन महिला जज बन गई हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष और मेहनत का परिणाम है, बल्कि पूरे देश के दिव्यांग समुदाय के लिए प्रेरणादायक मिसाल भी है।
थान्या नाथन सी जन्म से ही दृष्टिहीन हैं। इसके बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। ब्रेल लिपि और स्क्रीन रीडर तकनीक की मदद से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और कानून की डिग्री हासिल की। कठिन परिस्थितियों और कई प्रशासनिक चुनौतियों के बीच उन्होंने केरल न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर जज के पद पर नियुक्ति प्राप्त की।
उनकी यह सफलता भारतीय न्यायपालिका के इतिहास में मील का पत्थर मानी जा रही है। पहली बार 100% दृष्टिहीन महिला को जज बनने का गौरव मिला है। इससे यह संदेश जाता है कि अगर अवसर समान हों और संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी शारीरिक बाधा सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती।
थान्या की कहानी देश के लाखों युवाओं, विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है। उनका संघर्ष और उपलब्धि बताती है कि सीमाएं शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं।



