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छोटा बाजार में जहरीला पानी बन सकता है मौत का कारण, नगर निगम की मिलीभगत से फल-फूल रहा पानी माफिया

Priyanshu Ranjan

नगर निगम की पाइपलाइन में बड़े पंप से चोरी, नालियों का गंदा पानी सप्लाई में मिलने से बढ़ रही किडनी और लिवर की बीमारियां

छोटा बाजार, चिरमिरी। छोटा बाजार क्षेत्र इन दिनों अपराधियों का स्वर्ग बन गया है। विगत पांच-छह वर्षों से यहां नगर निगम के पानी का इस्तेमाल कर अवैध रूप से पानी के पाउच और पेप्सी बनाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। इस काले कारोबार में नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों की पूरी मिलीभगत बताई जाती है।

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जानकारी के अनुसार, पहले नगर निगम अधिकारियों ने आम जनता के नाम पर 3000 लीटर का कंटेनर रखवा कर टैंकरों से पानी भरवाया, पर जब आम जनता को पानी नहीं मिला और विरोध हुआ तो कंटेनर हटा दिया गया। इसके बाद अपराधियों ने नाली के अंदर निगम की मेन पाइप में बड़ा छेद कर पंप लगाकर पानी चोरी करने की व्यवस्था कर ली।

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इन बड़े पंपों से पानी चोरी के दौरान आगे के उपभोक्ताओं की सप्लाई बंद हो जाती है और जब पंप हटता है तो नालियों का गंदा पानी निगम की पाइपलाइन में पहुंचकर लोगों के घरों में आने लगता है। अंजान लोग इसे शुद्ध पानी समझकर पी भी लेते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी जहरीले पानी को पीने से टिना दफाई से लेकर 19 नंबर वार्ड की लाहिड़ी दफाई तक कई लोगों की मौत किडनी फेल, लिवर खराब और आंतों की बीमारियों से हो चुकी है। डॉक्टरों को नाली के गंदे पानी की जानकारी न होने से मौत का कारण शराब बताया जा रहा है, जबकि कोयला क्षेत्र चिरमिरी में 70-80 फीसदी लोग शराब पीते हैं, फिर मौतें सिर्फ छोटा बाजार क्षेत्र में ही क्यों हो रही हैं, इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।

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स्थानीय निवासी बताते हैं कि पिछले 20 सालों से कभी भी इन वार्डों के आखिरी हिस्से तक जाने वाली पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं कराई गई। अगर अब भी छोटा बाजार के लोग सचेत नहीं हुए, तो नगर निगम की मिलीभगत से पानी चोरों का यह धंधा यूं ही चलता रहेगा और शराब के बहाने मौत का असली कारण छुपता रहेगा।

रिपोर्ट – अंजन मुखर्जी, छोटा बाजार, चिरमिरी

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