अंबिकापुर। शहर के मोमिनपुरा स्थित वार्ड क्रमांक 40-41 में दूषित पानी के सेवन से पीलिया फैलने का गंभीर मामला सामने आया है। अब तक 42 से अधिक लोग पीलिया पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे शामिल हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर सर्वे और सैंपलिंग का कार्य शुरू किया।
मिली जानकारी के अनुसार क्षेत्र में पीलिया का पहला मामला लगभग तीन माह पूर्व सामने आया था। दिसंबर माह में चार वर्षीय बालक मो. अवेश में पीलिया की पुष्टि हुई थी। इसके बाद धीरे-धीरे आसपास के बच्चों में संक्रमण फैलने लगा। स्थानीय लोगों के अनुसार तीन माह के भीतर 20 से 25 बच्चे पीलिया की चपेट में आए। स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अब तक कुल 42 लोग संक्रमित पाए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के 10 घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे थे। जांच रिपोर्ट में कुछ नमूनों में 22 से 28 एमपीएन प्रति 100 एमएल तक बैक्टीरियल लोड पाया गया, जो पीने योग्य मानकों से अधिक है। विशेषज्ञों के अनुसार क्लोरीनयुक्त पेयजल में एमपीएन की मात्रा शून्य होनी चाहिए। 10 से अधिक एमपीएन को संदिग्ध और 50 से अधिक को अत्यधिक प्रदूषित माना जाता है। रिपोर्ट मिलने के बाद सीएमएचओ ने नगर निगम को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
दूषित पानी की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने क्षेत्र में घर-घर सर्वे शुरू कर दिया है। 20 से अधिक लोगों के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। लोगों को उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी गई है। नगर निगम की टीम दूषित पानी के स्रोत की जांच में जुटी है और विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए जा रहे हैं।
वार्ड पार्षद मो. हसन ने बताया कि जांच के दौरान तीन स्थानों पर पाइपलाइन में लीकेज पाया गया है—शाहीद हमीद चौक, आरयू होटल के नीचे और पॉपुलर के सामने। आशंका है कि इन लीकेज के कारण सप्लाई का पानी दूषित हुआ। पार्षद के अनुसार पूर्व में भी निगम प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन समय पर सुधार नहीं किया गया। वर्तमान में भी लीकेज पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाया है।



