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सावधान! सरकारी ज़मीन को ‘अपना’ बताकर 41 लोगों को लगाया लाखों का चूना, अंबिकापुर पुलिस ने रशीद को भेजा जेल।

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Priyanshu Ranjan

अंबिकापुर में ‘लैंड स्कैम’ का पर्दाफाश, वन विभाग की ज़मीन बेचने वाला शातिर ठग चढ़ा पुलिस के हत्थे!

14 साल तक चला ठगी का खेल; गरीबों का खून-पसीना डकारने वाला आरोपी गिरफ्तार, सबूत जलाने की भी कोशिश।

अंबिकापुर:सरगुजा पुलिस ने ज़मीन धोखाधड़ी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को सरकारी वन भूमि का मालिक बताकर एक-दो नहीं बल्कि पूरे 41 लोगों के साथ लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। अंबिकापुर की कोतवाली पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?

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मामले का खुलासा तब हुआ जब तकियापारा निवासी नेजारूदीन अंसारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान जो सच सामने आया उसने सबको चौंका दिया। आरोपी मो. रशीद ने साल 2008 से 2022 के बीच ग्राम रनपुर-खैरबार क्षेत्र की सरकारी वन भूमि को अपनी निजी पैतृक संपत्ति बताकर बेचना शुरू किया।

कमजोर तबके को बनाया निशाना

ठगी के इस जाल में आरोपी ने समाज के सबसे कमजोर और अल्प-शिक्षित वर्ग को निशाना बनाया। उसने 41 भोले-भाले लोगों को झूठे सपने दिखाए और प्रत्येक से करीब 1.50 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली। जब पीड़ितों को ज़मीन की हकीकत पता चली, तो आरोपी ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया।

सबूत मिटाने के लिए जलाईं एग्रीमेंट की कॉपियां

कोतवाली पुलिस की सख्त पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस के अनुसार, जब आरोपी को लगा कि वह फंसने वाला है, तो उसने धोखाधड़ी से जुड़े एग्रीमेंट और दस्तावेजों की मूल प्रतियों को जलाकर नष्ट करने की कोशिश की। इस कारण पुलिस ने मामले में साक्ष्य मिटाने की अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी हैं।

पुलिस की अपील: ज़मीन खरीदने से पहले बरतें सावधानी

कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में एएसआई विवेक पाण्डेय और अदीप प्रताप सिंह की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सरगुजा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने से पहले राजस्व (Revenue) और वन विभाग (Forest) के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच जरूर करें, ताकि आपकी मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे।

आरोपी के पास स्वामित्व का कोई वैध दस्तावेज नहीं था। उसने न केवल ठगी की बल्कि पीड़ितों को धमकाया भी। कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है : पुलिस प्रशासन, अंबिकापुर

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