भरत शर्मा की रिपोर्ट


रतलाम, 17 फरवरी एकल अभियान के तत्वावधान में रतलाम में संस्कार शिक्षा के माध्यम से भव्य सत्संग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आई भजन मंडलियों ने धार्मिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों पर आधारित जनजाति भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी।

जनअभियान के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय ने बताया कि प्रतियोगिता का उद्देश्य जनजाति क्षेत्रों में हिंदू संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देना रहा। भजन मंडलियों ने भगवान की लीलाओं, आदर्श जीवन मूल्यों और समाज में नैतिकता के महत्व पर आधारित भजनो का भावपूर्ण वर्णन किया। श्रोताओं ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया

प्रस्तावना रखते हुए हरिकथा की जिला अध्यक्ष श्रीमती हेमलता मालपानी ने बताया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवाओं और बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति के प्रति जुड़ाव मजबूत करती हैं कार्यक्रम के अंत में सभी ने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का संकल्प लिया।
मुख्य वक्ता सुरेंद्र सिंह भामरा ने कहा कि सत्संग से जीवन में परिवर्तन आता हे ,हिंदू धर्म में भजन से भाव उत्पन्न होते हे ओर भाव से भगवान प्राप्त होते हे।
निर्णायक मंडल ने प्रस्तुति की शैली, विषयवस्तु, उच्चारण और भावाभिव्यक्ति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया
स्वागत जनअभियान के जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गीय, शैलेन्द्र सिंह,समन्वय परिवार के माधव काकाणी, ग्रामभारती श्री प्रकाश मूणत ,रविदास समाज के प्रभुलाल जी ने परम आनंद से डाक्टर पवन मजावदिया सेवा वीर परिवार से श्यामसुंदर, सतीश भाटी, दुल्हे सिंह,देवेंद्र धारवा आदि ने स्वागत किया
कार्यक्रम में मुख्य निर्णायक के रूप में श्रीमति सुशीला व्यास सेवा निवृत प्राचार्य संगीत विद्यालय ,श्रीमती मीनाक्षी अग्रवाल, श्रीमती शीला खंडेलवाल रहे स्थानीय गणमान्य नागरिक एवं संगठन के पदाधिकारी श्रीमती अर्चना मनोहर पोरवाल, विनोद मूणत,अनिल पोरवाल,विजेंद्र सिंह नानू,योगेश जाट, राजेश सोलंकी,तनिष्क कुमावत, नरेंद्र श्रेष्ठ, कालू सिंह मईडा, नाथु डामा,पिंटू डोडियार आदि उपस्थित रहे संचालन मांगीलाल खराड़ी द्वारा किया गया।



