बलरामपुर में प्राथमिक शाला पुटसु के प्रभारी प्रधान पाठक से वसूली और वीडियो वायरल कर बदनाम करने का मामला; हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद तीनों ने किया था आत्मसमर्पण
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में प्राथमिक शाला पुटसु के प्रभारी प्रधान पाठक को कथित तौर पर धमकाकर 10 हजार रुपये की अवैध वसूली करने तथा वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के मामले में पस्ता पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस प्रकरण में यूट्यूबर दीपक यादव सहित तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में मुख्य आरोपित दीपक यादव, श्रवण यादव और सूर्या यादव के विरुद्ध शिक्षक को धमकाने, अवैध रूप से रुपये मांगने और वीडियो प्रसारित करने से संबंधित आरोपों की जांच की गई। बताया गया है कि तीनों आरोपितों ने बिलासपुर उच्च न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद पस्ता पुलिस ने विधिवत न्यायालयीन अनुमति प्राप्त कर उन्हें हिरासत में लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई की।
स्कूल में घुसकर शिक्षक को धमकाने का आरोप
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, आरोपितों पर प्राथमिक शाला पुटसु में प्रवेश कर प्रभारी प्रधान पाठक के साथ अभद्र व्यवहार करने और उनसे 10 हजार रुपये की कथित अवैध वसूली करने का आरोप है। शिकायत के अनुसार, रुपये नहीं देने पर शिक्षक को निलंबित कराने की धमकी दी गई। इसके साथ ही स्कूल से संबंधित वीडियो फेसबुक और यूट्यूब पर प्रसारित कर उन्हें सार्वजनिक रूप से बदनाम करने का भी आरोप लगाया गया है।
शिकायत के बाद पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
शिक्षक की शिकायत के आधार पर पस्ता पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री से संबंधित साक्ष्यों को जुटाया गया। पुलिस ने पेन ड्राइव सहित अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। विवेचना के दौरान प्राप्त तथ्यों के आधार पर तीनों आरोपितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर पुलिस की चेतावनी
इस मामले के बाद बलरामपुर पुलिस ने आम नागरिकों से सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाली असत्यापित सामग्री प्रसारित करने से बचना चाहिए। साथ ही, किसी भी व्यक्ति को धमकी देकर रुपये मांगने या अवैध वसूली का प्रयास किए जाने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।