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सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला, 3 दोषियों को फांसी और 1 को उम्रकैद की सजा

Priyanshu Ranjan

करीब दो साल बाद आया फैसला; कुलदीप साहू समेत चार आरोपी दोषी करार, आज अदालत ने सुनाई सजा

सूरजपुर। जिले के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में आखिरकार आज न्यायालय ने सजा का ऐलान कर दिया। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मामले में दोषसिद्ध चार आरोपियों में से तीन को फांसी की सजा और एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। करीब दो साल से जिस फैसले का इंतजार सूरजपुर कर रहा था, वह आज अदालत के आदेश के साथ सामने आ गया।

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इस मामले में कुलदीप साहू, फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को 28 सितंबर 2026 को अदालत ने दोषी करार दिया था। इसके बाद 8 अक्टूबर को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों दोषियों की सजा निर्धारित की।

फास्ट ट्रैक कोर्ट का बड़ा फैसला

बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में अदालत द्वारा तीन दोषियों को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद पूरे जिले में फैसले की चर्चा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई। दोषसिद्धि के बाद अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने को न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

हालांकि अदालत के फैसले के बाद भी दोषियों के पास कानून के तहत आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील का अधिकार रहेगा।

28 सितंबर को हुई थी चारों की दोषसिद्धि

इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 28 सितंबर को कुलदीप साहू, फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह, चंद्रकांत चौधरी और आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी को दोषी करार दिया था।

दोषसिद्धि के बाद 8 अक्टूबर को सजा सुनाए जाने की तारीख निर्धारित हुई थी। आज अदालत ने मामले में सजा का ऐलान करते हुए तीन दोषियों को फांसी और एक को उम्रकैद की सजा सुनाई।

दो साल से पूरे सूरजपुर की नजर थी अदालत पर

यह दोहरा हत्याकांड घटना के समय से ही सूरजपुर में चर्चा का केंद्र बना हुआ था। घटना के बाद पुलिस जांच, साक्ष्य संकलन, आरोपियों की गिरफ्तारी, गवाहों के बयान और न्यायालयीन सुनवाई की प्रक्रिया चली।

मामला आगे बढ़ते हुए दोषसिद्धि तक पहुंचा और अब अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के साथ न्यायिक प्रक्रिया का एक अहम पड़ाव पूरा हुआ है।

जांच और अभियोजन की भी हुई परीक्षा

किसी भी आपराधिक मामले में दोषसिद्धि और सजा तक पहुंचने के पीछे विवेचना, साक्ष्य संकलन, गवाहों के बयान और अभियोजन की न्यायालयीन पैरवी महत्वपूर्ण होती है।

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सूरजपुर दोहरे हत्याकांड में भी पुलिस विवेचना से लेकर न्यायालय में अभियोजन की पैरवी तक पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रही। चारों आरोपियों की दोषसिद्धि के बाद आज सजा का फैसला इस मामले की न्यायिक प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण बना।

तीन को फांसी, एक को उम्रकैद

फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा का सार इस प्रकार है

दोषी ठहराए गए आरोपी

कुलदीप साहू
फूल सिंह उर्फ रिंकू सिंह
चंद्रकांत चौधरी
आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी

सजा

3 दोषियों को — फांसी
1 दोषी को — उम्रकैद

फैसले के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर भी नजर

फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। फांसी की सजा पाए दोषियों को कानून के तहत आगे अपील और अन्य न्यायिक उपायों का अधिकार है।

इसलिए आज का फैसला न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन मामले की पूरी कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है।

करीब दो साल तक चले इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में आज आया फैसला न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीन दोषियों को फांसी तथा एक दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला सूरजपुर में लंबे समय से चले आ रहे इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया की दिशा को स्पष्ट करता है। हालांकि आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील के अधिकार के चलते मामले पर नजर अभी भी बनी रहेगी।

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