सूरजपुर। सावन के पावन अवसर पर भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए सोमवार को सूरजपुर से कांवरियों का विशाल जत्था जमदग्नि महर्षि की तपोभूमि देवगढ़ के लिए रवाना हुआ। कांवर यात्रा के शुभारंभ के दौरान पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंज उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए।
महिला और पुरुष कांवरियों ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ कांवर लेकर देवगढ़ की ओर प्रस्थान किया। कई श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। भगवान शिव के भजनों और जयकारों के बीच यात्रा आगे बढ़ी तो पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
कांवरियों ने पवित्र जल लेकर देवगढ़ पहुंचने और भगवान भोलेनाथ का विधिवत जलाभिषेक करने का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं ने कहा कि सावन माह में भगवान शिव की आराधना और जलाभिषेक का विशेष महत्व है। इसी आस्था के साथ वे देवगढ़ पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे और परिवार एवं क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
रास्ते में जगह-जगह कांवरियों का स्वागत
सूरजपुर से देवगढ़ तक कांवरियों की सुविधा के लिए विभिन्न स्थानों पर समाजसेवियों और श्रद्धालुओं द्वारा सेवा एवं जलपान शिविर लगाए गए। इन शिविरों में ठंडा पानी, शरबत, चाय, फल और अन्य खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई।
स्थानीय लोगों ने भी कांवरियों का उत्साह बढ़ाया और जगह-जगह ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बोल बम’ के जयकारे लगाए। सेवा में जुटे लोगों ने कहा कि कांवरियों की सेवा भगवान शिव की सेवा के समान है, इसलिए वे श्रद्धा के साथ यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं।
भक्ति में सराबोर हुआ सूरजपुर से देवगढ़ तक का मार्ग
कांवर यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। डीजे और भक्ति गीतों के बीच कांवरियों का जत्था देवगढ़ की ओर बढ़ता रहा। युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी पूरे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए।
सावन के दौरान देवगढ़ में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। सूरजपुर से कांवरियों के विशाल जत्थे के रवाना होने से शहर सहित पूरे यात्रा मार्ग का वातावरण शिवमय नजर आया। श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए देवगढ़ की ओर बढ़ते रहे।
देवगढ़ पहुंचकर श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे और इसके साथ उनकी यह धार्मिक एवं आस्था से जुड़ी यात्रा पूर्ण होगी।