सूरजपुर । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारी एक बार फिर अपनी वर्षों से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन की राह पर हैं। मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन को पांच माह बीत जाने के बावजूद कर्मचारियों की छह प्रमुख मांगों पर कोई ठोस आदेश जारी नहीं होने से प्रदेशभर के स्वास्थ्य कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। संघ पदाधिकारियों ने जानकारी दी है कि आगामी विधानसभा सत्र के दौरान इन मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा। साथ ही मांगों के शीघ्र निराकरण के लिए विधानसभा घेराव एवं व्यापक आंदोलन की तैयारी की जा रही है।
17,500 कर्मचारी आंदोलन के लिए तैयार
संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी, प्रदेश संरक्षक हेमंत सिन्हा एवं प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने संयुक्त बयान में कहा कि यदि शीघ्र ही लंबित मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेश के लगभग 17,500 एनएचएम स्वास्थ्य कर्मचारी व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य सेवा बाधित होने की स्थिति में उसकी पूर्ण जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।जिलाध्यक्ष बृजलाल पटेल ने शासन से अपील की है कि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय लिया जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों को न्याय मिल सके और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित होती रहें।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख 6 मांगें…
ग्रेड पे प्रदान करना
चिकित्सा परिचर्या सुविधा उपलब्ध कराना
अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान
स्थानांतरण नीति लागू करना
नई मानव संसाधन नीति लागू करना
नियमित कर्मचारियों की भांति वेतन खाते के माध्यम से बीमा सुविधा प्रदान करना
संघ का आरोप है कि इन मांगों से संबंधित फाइलें मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बावजूद पिछले पांच माह से प्रशासनिक स्तर पर लंबित पड़ी हैं। कई बार अधिकारियों एवं स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात कर शीघ्र निराकरण का आग्रह किया गया, यहां तक कि मंत्री द्वारा सार्वजनिक मंच से घोषणा भी की गई, किंतु अब तक कोई औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।



