भरत शर्मा की रिपोर्ट

रतलाम 02 जनवरी दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय सचिव एवं वरिष्ठ प्रचारक अभय महाजन रतलाम प्रवास पर विद्यार्थी परिषद के पूर्व कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए बताया कि नानाजी देशमुख का मानना था कि गाँव-गाँव में प्रत्येक व्यक्ति को स्वावलंबी, स्वाभिमानी और कौशल युक्त बनाना ही राष्ट्र का विकास है, जिसे उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आगे बढ़ाने के लिए दीनदयाल शोध संस्थान की स्थापना का ग्रामीण भारत में ‘एकात्म मानववाद’ के आधार पर ग्रामोदय (ग्राम विकास) और आत्मनिर्भरता लाना , जिसके तहत चित्रकूट (मुख्य केंद्र) के साथ-साथ गोंडा (यूपी), बीड (महाराष्ट्र) जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और आत्मनिर्भरता के प्रकल्प चलाना के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई ।
अभय महाजन कार्यक्रम पश्चात वरिष्ठ भाजपा नेता पूर्व गृह मंत्री हिम्मत कोठारी के निवास स्थान पर भेट कर संस्थान की गतिविधियों की जानकारी प्रदान की

इस अवसर पर विद्यार्थी परिषद के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सदस्य अनंत पंवार, मनीष शर्मा, जयेश राठौर, अनिल पोरवाल, सुनील सारस्वत, विकास कोठारी, रूपेश पाल , शैलेंद्र सुरेखा, विजय उपाध्याय , नरेंद्र जोशी ,गौरव त्रिपाठी, विशाल चतुर्वेदी, आशीष मित्तल, कमल गुप्ता आलोट, अतुल गौड पिपलोदा, तपन द्विवेदी, महेश बाहेती, सूरज बारवाल, जगदीश शर्मा आदि पूर्व विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

उक्त जानकारी पूर्व जिला संयोजक जयेश राठौर ने प्रदान की।



