भारतीय जनता पार्टी (BJP) अब संगठन की कमान अपने कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के हाथों औपचारिक रूप से सौंपने की तैयारी कर चुकी है. जानकारी के मुताबिक़ खरमास ख़त्म होते ही, नामांकन की प्रक्रिया शुरू होगी और नए अध्यक्ष की ताजपोशी 20 जनवरी को कर दी जाएगी. बिहार की पृष्ठभूमि से संबंध रखने वाले 46 वर्षीय नितिन नबीन पार्टी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे हैं, ऐसे में पार्टी पदभार ग्रहण के दौरान एक मेगा इवेंट ऑर्गनाइज करके बड़ा संदेश देने जा रही है. पार्टी मेगा आयोजन के ज़रिए न सिर्फ़ नबीन की छवि को मजबूत करेगी, बल्कि पूरे संगठन में नई ऊर्जा और संदेश भी पहुंचाने का काम करेगी.
दिल्ली में होने वाले इस भव्य आयोजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मौजूद रहेंगे. उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रीय पदाधिकारी और राज्य इकाइयों के अध्यक्ष शामिल होंगे. पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह महज एक पदभार ग्रहण नहीं होगा, बल्कि बीजेपी की शीर्ष नेतृत्व द्वारा युवा पीढ़ी पर भरोसा जताने का एक मजबूत प्रदर्शन होगा. ग़ौरतलब है कि नितिन नबीन को अकेले उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने की संभावना है, जिससे चुनाव की कोई गुंजाइश नहीं बचेगी. नामांकन प्रक्रिया 18 या 19 जनवरी को पूरी होने के बाद 20 जनवरी को शपथ ग्रहण होगा.
भविष्य पर दांव, आरएसएस बैकग्राउंड को तरजीह
खास बात यह है कि पार्टी ने इस तारीख का चयन खरमास की समाप्ति और मकर संक्रांति के बाद किया है, जो शुभ मुहूर्त के हिसाब से महत्वपूर्ण माना जाता है. बीजेपी के अंदरूनी सूत्र बताते हैं कि नबीन को यह जिम्मेदारी सौंपी जा रही है क्योंकि पार्टी नई पीढ़ी के नेताओं को आगे लाकर भविष्य की तैयारियां करना चाहती है. बीजेपी के भीतर चल रही चर्चाओं के मुताबिक़ नबीन के पद ग्रहण होने के बाद संगठन में बड़े बदलाव की उम्मीद है. पार्टी में शीर्ष स्तर पर नई टीम का गठन होगा, जिसमें युवा चेहरों को प्रमुखता मिल सकती है. वहीं, कुछ सूत्रों का मानना है कि इसमें आरएसएस से जुड़े लोगों को भी अहम भूमिकाएं मिल सकती हैं.
नितिन नबीन पटना के बांकीपुर से पांच बार विधायक रह चुके हैं और बिहार सरकार में सड़क निर्माण मंत्री का दायित्व संभाल चुके हैं. बतौर नेता पार्टी में अपनी संगठनात्मक क्षमता के लिए जाने जाते हैं. उनके पिता स्वर्गीय नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा भी बीजेपी के वरिष्ठ नेता थे. अब यह युवा नेता पार्टी की कमान संभालकर न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में बीजेपी की नई छवि गढ़ने की जिम्मेदारी उठाएंगे.
ग़ौरतलब है कि पार्टी का यह फैसला संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाले विधानसभा चुनावों और भविष्य की रणनीतियों के लिए भी संकेत देता है. दिल्ली में होने वाला यह भव्य समारोह सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बीजेपी के ‘युवा नेतृत्व, मजबूत संगठन’ के संकल्प का जीवंत प्रतीक बनेगा. लेकिन, इसके साथ ही नितिन नबीन पर उम्मीदों का एक बहुत बड़ा बोझ भी उनके कंधों पर रहेगा, जिसमें पश्चिम बंगाल का चुनाव और दक्षिण के राज्यों में पार्टी का विस्तार सबसे अहम है.

