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सूरजपुर जिला अस्पताल में प्रसव सेवाओं के अभाव के कारण 22 वर्षीय गर्भवती आदिवासी महिला की अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई मौत,

Priyanshu Ranjan

पिछले डेढ़ महीने में हुई चौथी मातृ मृत्यु से सूरजपुर के स्वास्थ विभाग पर खड़े हुए गंभीर सवाल,

सूरजपुर । छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करने वाला मामला सामने आया है। प्रसव सेवाओं के अभाव में 22 वर्षीय गर्भवती आदिवासी महिला की अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि बीते डेढ़ महीने में जिले में यह चौथी मातृ मृत्यु है, जिससे प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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     मिली जानकारी के अनुसार सूरजपुर जिले के कोट गांव की रहने वाली 22 वर्षीय जगमनिया को प्रसव पीड़ा के दौरान अचानक गंभीर समस्या हो गई। परिजन उसे सूरजपुर जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध न होने के कारण डॉक्टरों ने उसे तत्काल अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। रेफर किए जाने के दौरान ही महिला की हालत और बिगड़ती चली गई। अस्पताल पहुंचने के बाद इलाज शुरू किया गया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव के चलते उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

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लोगों ने लगाया यह गंभीर आरोप :

       स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में प्रसव से जुड़ी उन्नत और आपातकालीन सुविधाओं का भारी अभाव है। इसी वजह से गर्भवती महिलाओं को अंतिम समय में बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाता है, जो कई बार जानलेवा साबित होता है। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर बेहतर इलाज की व्यवस्था होती, तो महिला की जान बचाई जा सकती थी। यह मामला इसलिए भी ज्यादा गंभीर माना जा रहा है क्योंकि सूरजपुर जिला छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का गृह जिला है। उनके द्वारा कई बार स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के निर्देश दिए जाने के बावजूद जमीनी स्तर पर हालात नहीं सुधर पाए हैं।

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