पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार से पीड़ित परिवार को 1-1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की है.
मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी पीने से 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. जिसको लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर है. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सरकार से पीड़ित परिवार को 1-1 करोड़ का मुआवजा देने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से इस्तीफे की मांग की है.
जीतू पटवारी ने कहा, “इंदौर शहर की जनता ने उन्हें बार-बार सांसद चुना. उन्होंने उन्हें नौ विधायक, एक महापौर और पार्षद दिए और भाजपा ने क्या किया? उन्होंने पानी में जहर मिलाया और मौत का फरमान जारी कर दिया. उनका अहंकार इतना चौंकाने वाला और अकल्पनीय है कि जब पत्रकार सवाल पूछते हैं, तो मंत्री उन्हें गाली देते हैं. जब मैं मृतकों के परिवारों से उनके घरों पर मिलने गया, तो सभी को लगा कि सरकार उनकी मदद करेगी.”
सरकार पर लगाया आंकड़े छुपाने का आरोप
जीतू पटवारी ने मौत के आंकड़े को छुपाने की भी बात कही है. सरकार, नगर निगम और भाजपा इसकी जिम्मेदार है. जिस शहर ने स्वच्छता का तमगा दिलाया, उस शहर को पानी में जहर देना. सत्ता का अहंकार रावण से ज्यादा हो गया है. काग्रेस पार्टी इस हादसे की जांच के लिए जयवर्धन सिंह और सज्जन सिंह वर्मा को नियुक्त किया है. हमारी जांच रिपोर्ट 5 जनवरी को आएगी.
2-2 लाख रुपए की आर्थिक मदद
इंदौर में दूषित पानी पीने की वजह से अब तक 10 से ज्यादा मौतें हुई हैं. सरकार ने पीड़ित परिवारों के लिए 2-2 लाख रुपए आर्थिक सहायता दी है. सीएम ने जांच के लिए टीम भी गठित की है. यह मामला हाईकोर्ट भी पहुंच गया है, जिसमें हाईकोर्ट ने सरकार से जवाब मांगा है.

