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108 घोड़े, हजारों भक्‍त… ‘सोम’ का मतलब अमृत से जड़ा हुआ, सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद बोले PM मोदी

Priyanshu Ranjan

तीन दिवसीय दौरे पर गुजरात पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आज अंतिम दिन है. ‘शौर्य यात्रा’ के समापन के बाद पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. इसके बाद सभा को संबोधित किए. पीएम मोदी ने रविवार सुबह गिर सोमनाथ में सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतीकात्मक जुलूस ‘शौर्य यात्रा’ का भी नेतृत्व किया. इस दौरान पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे.

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पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद वहां उपस्थित ‘ऋषिकुमार’ से बातचीत की. इस दौरान वहां पर हजारों की तादाद में आए श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और सोमनाथ मंदिर से निकलते समय PM मोदी ने डमरू बजाया.

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पीएम मोदी बोले, “मैं भाग्यशाली हूं कि मुझे सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के न्यासी के रूप में इस अवसर पर सेवा करने का मौका मिला. आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो बार-बार मन में प्रश्न आ रहा है कि ठीक 1000 वर्ष पहले, ठीक इसी जगह पर क्या माहौल रहा होगा? अपनी आस्था, अपने विश्वास, अपने महादेव के लिए हमारे पुरखों ने अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. 1000 साल पहले वह आक्रंता सोच रहे थे कि हमें जीत लिया कि आज 1000 साल बाद भी सोमनाथ महादेव के मंदिर पर फहरा रही ध्वजा पूरी सृष्टि का आह्वान कर रही है कि हिंदुस्तान की शक्ति क्या है, उसका सामर्थ्य क्या है. यहां का कण-कण वीरता और साहस का साक्षी है.”

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समय, वातावरण, उत्सव अद्भुत: पीएम मोदी

उन्होंने कहा, “यह समय अद्भुत है. यह वातावरण अद्भुत है. यह उत्सव अद्भुत है. एक ओर स्वयं महादेव दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की यह गूंज, आस्था का यह उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के आप सब भक्तों की उपस्थिति यह इस अवसर को दिव्य, भव्य बना रही है.”

‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ

पीएम मोदी बोले, “जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मजहबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं. उसके नाम में ही ‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ है. उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है.”

भारत के पास हजारों साल पुराने पुण्यस्थान

PM मोदी ने कहा, “अगर किसी देश के पास 100 साल पुरानी विरासत होती है तो वह देश उसे अपनी पहचान बनाकर दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है, वहीं भारत के पास सोमनाथ जैसे हजारों साल पुराने पुण्यस्थान है. लेकिन दुर्भाग्य से आजादी के बाद गुलामी की मानसिकता वाले लोगों ने उनसे पल्ला झाड़ने की कोशिश की, उस इतिहास को भूलाने के प्रयास हुए. हम जानते हैं कि सोमनाथ की रक्षा के लिए देश ने कैसे-कैसे बलिदान दिए थे. कितने ही नायकों का इतिहास सोमनाथ मंदिर से जुड़ा है लेकिन दुर्भाग्य से इसे कभी उतना महत्व नहीं दिया गया बल्कि आक्रमण के इतिहास को भी कुछ राजनेताओं और इतिहासकारों द्वारा व्हाइटवॉश करने की कोशिश की गई.”

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